डिंपल यादव पर अशोभनीय टिप्पणी … फंस गए मौलाना साजिद रशीदी…FIR दर्ज… जांच शुरू
लखनऊ में समाजवादी पार्टी की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव पर की गई अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मुकदमा लखनऊ के विभूतिखंड थाने में सपा नेता प्रवेश यादव की तहरीर पर दर्ज हुआ है। रशीदी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?
यूपी के विभूतिखंड थाने के इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंंने बताया मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धारा में मुकदमा दर्ज हुआ है। जिसमें धारा 79 यानी धार्मिक भावना आहत करने के उद्देश्य से अपमान…धारा 196 और 197 यानी लोक सेवकों पर हमला या अपमान करना। धारा 299 यानी जानबूझकर अपमान करना। धारा 352 और 353 यानी आपराधिक बल प्रयोग और लोक सेवक के कार्य में बाधा उत्पन्न करना। इसके साथ ही आईटी एक्ट की धारा 67 यानी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
क्यों बढ़ा विवाद? …सांसद के सम्मान पर हमला..
एक निर्वाचित महिला सांसद पर सार्वजनिक मंच से की गई इस टिप्पणी को राजनीतिक गरिमा और महिला सम्मान के खिलाफ माना जा रहा है। जांच शुरू कर दी गई है, और बयान की सत्यता एवं प्रसारण की तकनीकी जानकारी खंगाली जा रही है।
धार्मिक स्थल से जुड़ा विवाद
मस्जिद जैसे पवित्र स्थल के संदर्भ में इस तरह की टिप्पणी को सांप्रदायिक उकसावे की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं ने इस बयान की कड़ी निंदा की है। प्रवेश यादव ने एफआईआर कराते हुए कहा कि यह टिप्पणी डिंपल यादव ही नहीं, समस्त महिलाओं का अपमान है।
क्या है पूरा मामला?
मामला उस वक्त का है जब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दिल्ली में संसद भवन के पास एक मस्जिद में कुछ सांसदों के साथ पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी और सांसद डिंपल यादव भी मौजूद थीं। इस घटना को लेकर एक टीवी चैनल के डिबेट शो में मौलाना साजिद रशीदी, जो ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं, ने एक आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा “मस्जिद में दो मोहतरमा आई थीं। एक ने खुद को ढक रखा था, लेकिन दूसरी मोहतरमा डिंपल यादव, उनकी पीठ की तस्वीर देख लीजिए… नंगी बैठी थीं।” इस टिप्पणी को महिला विरोधी, अपमानजनक और सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाला करार दिया गया है।
क्या बोले रशीदी और समाज?
मौलाना साजिद रशीदी ने अब तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक माफीनामा या सफाई नहीं दी है, जबकि सोशल मीडिया और मुस्लिम समाज के कई वर्गों ने भी उनके बयान को अनुचित ठहराया है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन की छवि को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ..(प्रकाश कुमार पांडेय)




