भारतीय वायुसेना की कड़ी कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का असर अब दुनिया के सामने आ चुका है। जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इलियास ने खुद कैमरे पर कबूल किया है कि एयर स्ट्राइक में कुख्यात आतंकी सरगना मौलाना मसूद अजहर का पूरा परिवार मारा गया। इस कबूलनामे ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को तगड़ा झटका दिया है और भारत के दावे को पूरी तरह साबित कर दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर की रात बनी दुश्मनों का खौफ
7 मई की आधी रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में फैले आतंकी ठिकानों पर एक साथ 9 स्ट्राइक कीं। बहावलपुर के सुब्हान अल्लाह कॉम्प्लेक्स पर दागी गई मिसाइल ने जैश के गढ़ को तबाह कर दिया। इसी हमले में मसूद अजहर के 10 परिजन और 4 करीबी मारे गए। इनमें उसकी बहन, बहनोई और कई बच्चे शामिल थे।
जैश कमांडर की स्वीकारोक्ति ने खोली पोल
जैश कमांडर मसूद इलियास ने साफ कहा कि हमला सीधे अजहर के परिवार को निशाना बना गया था। पाकिस्तान की मीडिया पहले ही 14 मौतों की खबर दे चुकी थी, लेकिन अब कमांडर की स्वीकारोक्ति ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी। अजहर ने भी इस बात को निजी तौर पर स्वीकार किया कि उसका परिवार पूरी तरह खत्म हो चुका है।
आतंक के अड्डे पर सटीक प्रहार
15 एकड़ में फैले जैश कैंप में युवाओं को हथियार चलाने और कट्टरपंथी विचारधारा सिखाई जाती थी। भारतीय वायुसेना ने जिस सटीकता से हमला किया, उसने न सिर्फ अजहर का गढ़ तबाह किया बल्कि आतंक के नेटवर्क की रीढ़ भी तोड़ दी। यह भारत की अब तक की सबसे निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है।
कौन है मसूद अजहर?
मौलाना मसूद अजहर वही आतंकी है जिसे 1999 के कंधार हाईजैक कांड में छोड़ा गया था। उसने पुलवामा हमले और पठानकोट हमले की साजिश रची थी। अप्रैल 2019 के बाद से वह जनता के सामने नहीं आया। माना जा रहा है कि वह अभी बहावलपुर में किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपा है।