Mangal Ast 2025: 07 नवंबर को मंगल होंगे अस्त, जानिए किन राशियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा प्रभाव
मंगल अस्त 2025: क्या है ज्योतिषीय महत्व?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब कोई ग्रह सूर्य के अत्यधिक समीप चला जाता है तो वह अस्त Combust हो जाता है। इस स्थिति में ग्रह की शक्ति क्षीण हो जाती है और उसके शुभ प्रभाव कम हो जाते हैं। इसी तरह 07 नवंबर 2025 को युद्ध, साहस और पराक्रम के कारक ग्रह मंगलदेव अपनी ही स्वराशि वृश्चिक में रहते हुए अस्त हो रहे हैं। मंगल का यह अस्त रहस्यमय और गहन परिवर्तनकारी प्रभाव लेकर आएगा।
मंगलदेव का संबंध साहस, आत्मविश्वास, ऊर्जा, भूमि-संपत्ति, रक्त और पराक्रम से होता है। इनका अस्त होना कुछ राशियों के लिए संघर्ष का संकेत देगा तो कुछ राशियों के लिए आत्ममंथन का समय लेकर आएगा। यह स्थिति लगभग 25 दिनों तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद मंगल उदय होंगे और पुनः शुभ फल देने लगेंगे।
मेष राशि (Aries)
मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल हैं, इसलिए इस राशि पर मंगल अस्त का प्रभाव विशेष रूप से दिखाई देगा। मंगल आपके पहले और आठवें भाव के स्वामी होकर अस्त हो रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास में कमी, कामों में रुकावट और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
नौकरीपेशा जातकों को इस दौरान अपने कार्यस्थल पर दबाव महसूस होगा, लेकिन यदि आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो यह परिवर्तन आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है। व्यापारियों को अतिरिक्त लाभ के अवसर मिलेंगे।
सावधानी: इस समय गुस्से और जल्दबाजी से बचें, आर्थिक निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।
कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के लिए मंगल पंचम और दशम भाव के स्वामी हैं और अब ये पंचम भाव में अस्त होंगे। यह भाव संतान, शिक्षा और प्रेम से जुड़ा होता है। इस दौरान कर्क राशि वालों को संतान से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है। छात्रों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा।
कैरियर के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिलेगा। व्यापारियों के लिए भी यह समय आयवृद्धि का संकेत देता है।
सावधानी: सेहत में हल्की गिरावट और थकान महसूस हो सकती है। नींद की कमी या मानसिक तनाव से बचें।
सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के लिए मंगल चौथे और नवम भाव के स्वामी हैं और ये अब चतुर्थ भाव में अस्त हो रहे हैं। यह भाव घर, माता, संपत्ति और सुख से जुड़ा है। इस अवधि में पारिवारिक माहौल में तनाव संभव है। मकान-वाहन खरीदने की योजनाओं में विलंब या बाधा आ सकती है। कारोबार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा। खर्चों में बढ़ोतरी होगी लेकिन ऐशोआराम पर धन खर्च करने में आप पीछे नहीं रहेंगे।
सावधानी: माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जीवनसाथी के साथ संवाद बेहतर रखें, तभी संबंधों में संतुलन रहेगा।
कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि के लिए मंगल तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं और अब ये तीसरे भाव में अस्त होंगे। इस भाव का संबंध साहस, संचार और भाइयों से होता है। इस दौरान आपकी मेहनत का परिणाम विलंब से मिलेगा। कामकाज में मनोबल कमजोर पड़ सकता है, परंतु धैर्य बनाए रखें। भाई-बहनों से संबंधों में उतार-चढ़ाव संभव हैं।
सावधानी: किसी भी कानूनी या विवादित मामले में जल्दबाजी न करें। ड्राइविंग करते समय सावधानी बरतें।
तुला राशि (Libra)
तुला राशि के लिए मंगल दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं और अब ये दूसरे भाव में अस्त होंगे। यह भाव धन, वाणी और परिवार से जुड़ा होता है। इस अवधि में आर्थिक स्थिति थोड़ी अस्थिर रह सकती है। वाणी में कटुता से विवाद हो सकता है, इसलिए बोलने से पहले सोचें। व्यापारिक साझेदारी में कुछ तनाव आ सकता है, लेकिन समझदारी से आप स्थिति को संभाल सकते हैं।
सावधानी: खानपान में परहेज रखें और परिवार में सामंजस्य बनाकर चलें।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि के स्वामी स्वयं मंगल हैं और वे अपनी ही राशि में अस्त हो रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास में अस्थिरता और निर्णय लेने में भ्रम रहेगा। हालांकि यह समय आत्ममंथन का है। कामकाज में धीमी प्रगति, सेहत में उतार-चढ़ाव और रिश्तों में तनाव महसूस हो सकता है।
सावधानी: किसी भी नए कार्य की शुरुआत मंगल उदय होने के बाद करें। स्वास्थ्य और नींद पर ध्यान दें।
मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के लिए मंगल चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और अब ये ग्यारहवें भाव में अस्त होंगे। यह भाव लाभ, मित्रता और इच्छापूर्ति का है। इस समय आपके मित्रों या परिचितों से मतभेद हो सकते हैं। लाभ की गति धीमी रहेगी, लेकिन पुराना कोई बकाया धन मिलने की संभावना है।
सावधानी: टीमवर्क में अहंकार से बचें और वरिष्ठों की बात ध्यान से सुनें।
धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि के लिए मंगल पाँचवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब ये बारहवें भाव में अस्त होंगे। विदेश यात्रा की योजना बनने के संकेत हैं, लेकिन खर्च बढ़ेंगे। स्वास्थ्य संबंधी खर्च बढ़ सकते हैं।
सावधानी: निवेश और खर्च में संतुलन रखें। नींद और मानसिक शांति का ध्यान रखें।
07 नवंबर 2025 को जब मंगलदेव अस्त होंगे, तब साहस, पराक्रम और निर्णय क्षमता पर ग्रहण लग जाएगा। यह समय अधिक आत्मविश्लेषण और संयम से कार्य करने का है। मंगल के पुनः उदय (दिसंबर के प्रारंभ में) के साथ ही परिस्थितियाँ फिर से अनुकूल बनने लगेंगी।
उपाय के रूप में—मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, लाल चंदन का तिलक लगाएं और मसूर दाल का दान करना शुभ रहेगा। प्रकाश कुमार पांडेय