ममता के पार्थ बोले मैं साजिश का शिकार
पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग यानी एसएससी भर्ती घोटाला इन दिनों सुर्खियों में है। हो भी क्यों नही। इस घोटाले मेें संलिप्तता के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय ने तृणमूल कांग्रेस के नेता पार्थ चटर्जी को की हिरासत में लिया है। ईडी की हिरासत के बाद टीएमसी ने पार्थ से नाता तोड़ते हुए उन्हें मंत्री के साथ ही सभी पदों से मुक्त कर दिया। निलंबित होते ही पार्ट की जुबान खुल गई। टीएमसी में सभी पदों से हटाए जाने और मंत्रिमंडल से निकाले जाने के एक दिन बाद पार्थ चटर्जी ने कहा उनके खिलाफ साजिश रचि गई। जिसमें वे फंस गए। पार्टी ने यह भी कहा अबने वाला समय बताएगा कि उनके साथ सही हो रहा है या गलत।बता दें पार्ट चटर्जी को ईडी ने स्कूल भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है। उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था तब अस्पताल के बाहर उन्होंने मीडिया को देखते ही कहा कि उन्हें साजिश का शिकार बनाया जा रहा है। गिरफ्तारी से पहले चटर्जी के पास औद्योगिक और संसदीय मामलों का विभाग संभाल रहे थे। उनके शिक्षा मंत्री रहते कथित घोटाला हुआ।। ईडी की जांच के दौरान चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से करोड़ों रुपये नकद बरामद किये गये।
वहीं टीएमसी ने सफाई दी है। पार्टी महासचिव और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष का कहना है ऐसे मामलों में स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है। वे निर्दोष है तो साबित करें। पार्थ चटर्जी वास्तव में सोचते हैं कि वे साजिश का शिकारहुए हैं। ऐसे में उन्हें अदालत में साबित करना चाहिए। इस मामले में बीजेपी ने भी चुटकी ली और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पार्टी सांसद दिलीप घोष ने कहा एक मुख्य आरोपी रो रहा है और दावा कर रहा है वह साजिश का शिकार हुआ है। अर्पिता मुखर्जी के लिए वे केवल इतना कह सकते हैं कि अगर वह वास्तव में पछता रहीं हैंए तो उन्हें इस घोटाले के बारे में जो कुछ भी पता है। उसकी पूरी जानकारी ईडी और सीबीआई को बताना चाहिए। उनके साथ न्याय होगा।
बर्बाद हो गया कई का करियर
चटर्जी और मुखर्जी के अस्पताल से लौटने के बाद एजेंसी के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में उनसे पूछताछ की गई। पूछताद में विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि चटर्जी को अपने साजिश वाले आरोप पर और खुलासे के साथ बात करनी चाहिए।सीपीएम के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि चटर्जी को साजिश में शामिल लोगों के नाम का खुलासा करना चाहिए। चक्रवर्ती ने कहा स्कूल भर्ती घोटाले के काचलते बंगाल की छवि खराब हुई है। इतना ही नहीं घोटाले के चलते बहुत से लोगों का करियर बर्बाद हो गया।
अर्पिता ने कहा मालूम नहीं कहा से आया इतना पैसा
बंगाल सरकार के बर्खास्त मंत्री पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी ने ईडी की पूछताछ में चौंकाने वाली बात कही। अर्पिता ने ईडी के सामने कहा उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि उनके कोलकाता के दो अपार्टमेंट में 27ण्9 करोड़ रुपये की इतनी रकम और कीमती सामान रखा था । अर्पिता बताया कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। साथ ही कहा कि पार्थ चटर्जी उसे कभी भी बंद कमरों में जाने ही नहीं देते थे। पार्थ ही उन कमरों में रुकते थे।
कैश और जूलरी का भंडार
बता दें ईडी ने बेलघोरिया के क्लब टाउन हाइट्स में अर्पिता के फ्लैट से भारी मात्रा में कैश और आभूषण बरामद किये हैं। ये एक बेडरूम और एक अटैच्ड वॉशरूम में छिपाकर रखे गये थे। जिसमें नकदी और 4-3 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद हुए है। ईडी ने छापे के बाद जब्त कर लिउ। अर्पिता के घर से ईडी की जांच में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश और 5 किलो गोल्ड मिला है।
अरबपति बेटी की मां गुजार रही मुफलिसी का जीवन
पश्चिम बंगाल में शिक्षा भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी महिला मित्र अर्पिता चटर्जी के ठिकानों से ईडी ने करोड़ों अरबो रुपये नकदी और आभुषण बरामद किये हैं। अर्पिता के घर से 50 करोड़ रुपये से अधिक नकदी और 5 किलो सोना मिला। वहीं हैरानी करने वाली बात ये हे कि अकूत दौलत की मालकिन अर्पिता की मां मुफलिसी का जीवन गुजार रही हैं। बता दें अर्पिता मुखर्जी की मां कोलकाता से कुछ ही इूरी पर अपने पुश्तैनी मकान में रहती हैं। जो पूरी तरह से जर्जर हो चुका हैं। स्थिति ये है कि मकान कभी भी गिर सकता है। अर्पिता मुखर्जी का ये पुश्तैनी मकान उत्तर 24 परगना के बेलघोरिया इलाके में हैं। जिसमें उनकी मां मिनती मुखर्जी अकेले रहती हैं। अर्पिता ने अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए दो नौकरानी लगा रखी है। यही उसकी मां के लिए भोजन पानी और दूसरी जरूरतों का ध्यान रखती हैं।




