बिहार विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति को मजबूत करने के लिए पटना के सदाकत आश्रम में CWC (कांग्रेस वर्किंग कमेटी) की बैठक बुलाई। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और एनडीए पर तीखे प्रहार किए। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश की राजनीति ऐसे मोड़ पर है, जहां जनता के सवालों को नजरअंदाज किया जा रहा है और नेताओं की महत्वाकांक्षाएं हावी हो रही हैं।
मोदी सरकार पर सीधा वार
खरगे ने अपने भाषण में कहा कि हम ऐसे समय में एकत्र हुए हैं जब देश भीतरी और बाहरी दोनों स्तरों पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी नीतियों ने न सिर्फ लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है बल्कि आम लोगों की परेशानियों को भी बढ़ाया है।
योगी को बताया मोदी का उत्तराधिकारी
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर तंज कसते हुए खरगे ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद को प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराधिकारी मानते हैं। उन्होंने योगी पर आरक्षण विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया और कहा कि अब वो जातियों के नाम पर होने वाली रैलियों को रोककर सामाजिक न्याय की आवाज दबाने का काम कर रहे हैं।
नीतीश पर साधा निशाना
खरगे यहीं नहीं रुके। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला बोला और कहा कि आज बीजेपी खुद नीतीश को बोझ मानने लगी है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में नीतीश ने एनडीए के साथ मिलकर सत्ता हासिल की थी लेकिन बिहार के विकास के वादे अधूरे ही रह गए। उन्होंने दावा किया कि बिहार की अर्थव्यवस्था लगातार पिछड़ रही है और डबल इंजन सरकार का नारा सिर्फ जुमला बनकर रह गया है।
NDA में बढ़ती कलह
खरगे ने कहा कि आज एनडीए के भीतर की कलह किसी से छिपी नहीं है। बिहार से लेकर दिल्ली तक जनता देख रही है कि सत्तारूढ़ गठबंधन अपनी आंतरिक लड़ाइयों में उलझा है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने का आह्वान किया और कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज को उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।





