यूपी कांग्रेस में बड़ा रीसेट! ‘टीम प्रियंका’ की विदाई, नई टीम के भरोसे मिशन-2027

Major reset in UP Congress Team Priyanka out Mission 2027 rests on a new team

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने अपने सबसे बड़े संगठनात्मक बदलावों में से एक को अंजाम दिया है। पार्टी ने उन सभी छह सह-प्रभारियों को हटा दिया है जो 2019 से प्रियंका गांधी की टीम का हिस्सा थे। उनकी जगह नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर साफ संकेत दिया गया है कि अब यूपी कांग्रेस का संगठन पूरी तरह नए नेतृत्व और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ेगा।

  • प्रियंका युग का पूरा अंत!
  • राहुल की पसंद को मिली कमान
  • यूपी संगठन में बड़ा फेरबदल
  • 2027 की तैयारी तेज हुई
  • नई टीम, नई रणनीति, नई चुनौती
  • अजय राय को मिलेगा नया संगठन

राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को सिर्फ सामान्य संगठनात्मक फेरबदल नहीं, बल्कि ‘टीम प्रियंका’ से यूपी कांग्रेस की औपचारिक विदाई के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी अब मिशन-2027 के लिए राहुल गांधी की कार्यशैली और राजनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप संगठन खड़ा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

छह साल बाद बदली पूरी टीम

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले जब प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया था, तब धीरज गुर्जर, नीलांशु चतुर्वेदी, प्रदीप नरवाल, राजेश तिवारी, सत्यनारायण पटेल और तौकीर आलम को राष्ट्रीय सचिव बनाकर उनका सह-प्रभारी नियुक्त किया गया था। यही टीम संगठन विस्तार, चुनावी रणनीति, टिकट वितरण और प्रदेश नेतृत्व के फैसलों में अहम भूमिका निभाती रही।

हालांकि 2023 में प्रियंका गांधी ने यूपी की जिम्मेदारी छोड़ दी थी, लेकिन उनके साथ काम करने वाली यह टीम लगातार संगठन में प्रभाव बनाए हुए थी। अब कांग्रेस हाईकमान ने इन सभी नेताओं को हटाकर नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंप दी है।

राहुल गांधी की पसंद पर नई टीम

कांग्रेस ने अभिषेक दत्त, कुणाल चौधरी, जगदीश चंदर जांगिड़, संजीव आर्य, वरुण चौधरी और अब्दुल हन्नान को राष्ट्रीय सचिव बनाते हुए उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी नियुक्त किया है। ये सभी यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के साथ मिलकर संगठन को नई दिशा देंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नई टीम को जल्द ही अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया भी तेज होगी।

अजय राय को मिलेगा नया संगठन

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय लंबे समय से नई कार्यकारिणी के गठन का इंतजार कर रहे हैं। पुराने सह-प्रभारियों के हटने के बाद अब संगठन विस्तार का रास्ता साफ माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई टीम बूथ स्तर से लेकर जिला और मंडल स्तर तक संगठन को नए सिरे से खड़ा करेगी।

क्यों अहम है यह बदलाव?

2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के जरिए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन किया था। इसी उत्साह के साथ पार्टी अब विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि सिर्फ गठबंधन के भरोसे नहीं, बल्कि मजबूत संगठन के दम पर ही 2027 में प्रभावी चुनौती दी जा सकती है।

इसी सोच के तहत उन नेताओं को आगे लाने की कोशिश हो रही है जो संगठन को जमीन पर सक्रिय बना सकें, युवा कार्यकर्ताओं को जोड़ सकें और चुनावी मोर्चे पर आक्रामक भूमिका निभा सकें।

नई रणनीति, नई परीक्षा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस लंबे समय से अपने पुराने जनाधार को वापस पाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में संगठन में यह बड़ा बदलाव पार्टी की नई रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि नई टीम कार्यकर्ताओं में कितना उत्साह भर पाती है, बूथ स्तर तक संगठन को कितना मजबूत कर पाती है और 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कितनी राजनीतिक बढ़त दिला पाती है। यूपी कांग्रेस में शुरू हुआ यह संगठनात्मक बदलाव आने वाले महीनों में पार्टी की राजनीति और चुनावी रणनीति, दोनों की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

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