दिल्ली चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में 2029 की तैयारी…पार्टी संगठन में होंगे कई अहम बदलाव,युवाओं के साथ अनुभवी नेताओं को मिलेगी नई जिम्मेदारी.प्रियंका को किसी नए स्टेट का प्रभार!

Major changes in Congress after Delhi elections

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली खुशी दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद गायब हो गई है। कांग्रेस में मातम पसर गया है। ऐसे में कांग्रेस संगठन में इन दिनों संगठन में बदलाव दिख रहा है। हाल ही में जहां महाराष्ट्र में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के नामों का ऐलान हुआ तो वहीं दूसरी ओर अगले दिन ही कांग्रेस के नौ राज्यों के प्रभारी दो महासचिव की नियुक्त कर दी गई। ऐसे में इन बदलावों के बाद कांग्रेस को उम्मीद नजर आ रही है।

दिल्ली चुनाव के बाद कांग्रेस में दिखाई देगा बड़ा बदलाव…

युवाओं के साथ अनुभवी नेताओं को मिलेगी नई जिम्मेदारी

इस बदलाव में जहां राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की पसंद के साथ उनकी छाप दिखाई दे रही है। वहीं दूसरी ओर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के करीबी को भी संगठन में अहम जिम्मेदारी मिली है। हालांकि कुछ परिवर्तन पर खुद कांग्रेस के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं।

कांग्रेस संगठन में और होंगे बदलाव

पार्टी सूत्रों की माने तो जल्द ही संगठन में कुछ और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जिन पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां मिलने की बात कही जा रही है, उनमें राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत से लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम और पार्टी के सीनियर नेता टीएस सिंहदेव के साथ यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास, सचिन राव, उत्तराखंड राज्य के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, एआईसीसी के पूर्व सचिव प्रकाश जोशी के नामों पर चर्चा तेज है। कहा तो यह भी जा रहा है कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के लिए भी प्रभार तय किया जा सकता है। हालांकि वे सक्रिय राजनीति में आने के बाद से लगातार पार्टी की महासचिव का पद संभाल रहीं हैं। उत्तरप्रदेश का प्रभार जाने के बाद से प्रियंका को अब तक कोई नया प्रभार नहीं मिला है।

कई राज्यों में बनाए जाएंगे नए प्रभारी

कांग्रेस संगठन में चर्चा है कि नागालैंड, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों के प्रभारी रह चुके अजय कुमार से फिलहाल राज्यों का प्रभार वापस ले लिया गया है। हालां​कि उन्हें एक अलग जिम्मेदारी देने की बात कही जा रही है। चर्चा यह भी है कि उन्हें मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय से जोड़ा जा सकता है। दरअसल मल्लिकाअर्नुन खरगे के कार्यालय और टीम के अहम सदस्य नासिर हुसैन को पार्टी की ओर से जम्मू कश्मीर और लद्दाख का प्रभारी बनाया गया है। यहां जानना भी कम रोचक नहीं होगा कि जब राहुल गांधी के कार्यालय से के राजू हटाए गए थे तो अजय कुमार को ही उनकी जगह भेजने की बात की जा रही थी, लेकिन तब उन्हें इस जिम्मेदारी को नहीं सौंपा गया।

कृष्णा अलावरू बिहार के प्रभारी!

इस सभी परिवर्तनों में एक सबसे बड़ी हैरानी यह है कि बिहार के संगठन प्रभारी के रुप में कृष्णा अलावरू की नियुक्ति को लेकर है। एक सह सचिव के रुप में यूथ कांग्रेस का प्रचार संभाल रहे अलावरू को सीधे बिहार जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से बेहद जागरूक स्टेट का प्रभार दिये जाने से कांग्रेस पार्टी के भीतर भी खासी चर्चा और सवाल खड़े हो रहे हैं। बिहार में अगले छह महीने में विधानसभा के चुनाव होना है। वहां एक गैर हिंदीभाषी को संगठन का प्रभार देकर पार्टी ने जो दांव खेला है, वह पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतर रहा है।

कांग्रेस संगठन में उठते सवाल

ऐसे में कांग्रेस पार्टी में भी यह सवाल उठ रहे हैं कि एक ओर पार्टी में अखिलेश प्रसाद सिंह, शकील अहमद, शकील अहमद खान, कौकब कादरी जैसे वरिष्ठ नेता हैं तो वहीं दूसरी ओर लालू यादव और तेजस्वी यादव जैसे घटक सहयोगी दल और नेताओं के साथ तालमेल जैसी अहम जिम्मेदारी भी है। इन दोनों बड़ी चुनौतियों से आखिर कृष्णा अलावरू कैसे निपटेंगे। वहीं कांग्रेस में यह भी चर्चा है कि कृष्णा अलावरू को दरअसल यह जिम्मेदारी बतौर इनाम के मिली है। जिसमें उन्होंने बिहार में एक अहम राजनीतिक भूमिका निभाई थी। बता दें कृरूणा अलावरू ने युवक कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब के साथ बिहार में मशाल जुलूस निकाला था। यह बिहार पब्लिक सर्विस कमिशन परीक्षा के खिलाफ किया गया बड़ा आंदोलन था। हालांकि यूं तो कई बड़ी राजनीतिक पार्टियों को बिहार में उस समय धरना देने वाले छात्रों के प्रति हमदर्दी थी, लेकिन यूथ कांग्रेस ने आगे आकर उन युवाओं की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाया। वहीं धरना प्रदर्शन काफी सफल रहा। कांग्रेस में एक खेमे की यह राय है कि साल 2017 में पंजाब और गुजरात विधानसभा चुनाव के समय जिस प्रकार से पर्दे के पीछे रहकर कृष्णा अलावरू ने पार्टी संगठन से जुड़ी चुनावी रणनीति बनाई, उसकी वजह से भी वे आलाकमान की नजर में आए थे।

(प्रकाश कुमार पांडेय)

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