बिहार में बिजली बिल का नया गणित: दिन सस्ता, शाम महंगी…बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव लागू

Bihar Electricity Regulatory Commission

बिहार में बिजली बिल का नया गणित: दिन सस्ता, शाम महंगी

पटना 

बिहार में 1 अप्रैल 2026 से बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब बिजली का बिल पहले जैसा एकसमान नहीं रहेगा, बल्कि समय के हिसाब से तय होगा। Bihar Electricity Regulatory Commission (BERC) ने टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत दिन, शाम और रात के अलग-अलग रेट तय किए गए हैं।

क्या है टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ?

ToD टैरिफ एक ऐसी प्रणाली है जिसमें बिजली की कीमत समय के अनुसार बदलती है

इसका मकसद है बिजली के इस्तेमाल को संतुलित करना और पीक टाइम का दबाव कम करना।

दिन में बिजली सस्ती (9 AM – 5 PM)

नई व्यवस्था के अनुसार:

यानी अगर आपका बिल 100 रुपये बनता है, तो आपको सिर्फ 80 रुपये ही देने होंगे। सरकार चाहती है कि लोग इस समय ज्यादा बिजली इस्तेमाल करें—जैसे कपड़े धोना, मोटर चलाना, भारी उपकरण चलाना आदि।

शाम को बिजली सबसे महंगी (5 PM – 11 PM)

यह समय पीक आवर माना गया है, जब बिजली की मांग सबसे ज्यादा रहती है।

यानी 100 रुपये की खपत पर आपको 110–120 रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं।

रात का रेट भी समझिए

हालांकि मुख्य फोकस दिन और शाम के स्लॉट पर है, लेकिन देर रात (11 PM के बाद) बिजली की मांग कम होने के कारण रेट सामान्य या थोड़ा कम रहने की संभावना रहती है। इसका मतलब रात में भी आप कुछ हद तक सस्ती बिजली का फायदा उठा सकते हैं।

किन उपभोक्ताओं पर असर?

इस नई व्यवस्था का असर सीधे तौर पर:

जिनके पास स्मार्ट मीटर नहीं है, उनके लिए फिलहाल पुराने सिस्टम में बदलाव सीमित रह सकता है।

सरकार का मकसद क्या है?

Bihar Electricity Regulatory Commission का लक्ष्य है:

आप कैसे बचा सकते हैं बिल?

भारी उपकरण दिन में चलाएं
शाम के समय कम से कम बिजली उपयोग करें
वॉशिंग मशीन, गीजर, मोटर का टाइम बदलें

पीक टाइम में ज्यादा उपयोग से बचें

क्या होगा असर?

यानी अब बिजली बिल पूरी तरह आपके “यूसेज टाइम” पर निर्भर करेगा।

बिहार में लागू हुआ ToD टैरिफ बिजली उपभोक्ताओं के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।

अब सवाल सिर्फ इतना है— आप कब बिजली इस्तेमाल करते हैं? क्योंकि अब यही तय करेगा आपका बिल कितना आएगा।

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