Zepto, Blinkit और Instamart में छिड़ी बड़ी जंग…83 अरब डॉलर के क्विक कॉमर्स बाजार पर कब्जे की होड़…

$83 billion quick commerce market

निवेशकों की नजर Zepto के IPO पर

भारत का क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और अब यह देश के सबसे बड़े उपभोक्ता इंटरनेट बाजारों में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है। किराना, स्नैक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान कुछ ही मिनटों में घर तक पहुंचाने वाली कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच Zepto के संभावित IPO ने निवेशकों का ध्यान इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया है।

वर्तमान में इस बाजार में तीन प्रमुख खिलाड़ी—Zepto, Blinkit और Instamart—अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ बाजार पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि तीनों का लक्ष्य एक ही ग्राहक वर्ग है, लेकिन कारोबार के विस्तार, लाभप्रदता और संचालन के तरीके में काफी अंतर दिखाई देता है।

भारत का क्विक कॉमर्स बाजार बनेगा विशाल अवसर

Zepto द्वारा दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत का क्विक कॉमर्स बाजार लगभग 11.3 अरब डॉलर के सकल व्यापार मूल्य (GMV) तक पहुंच चुका है। कंपनी का अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में यह बाजार 5 से 7 गुना तक बढ़ सकता है और वर्ष 2030 तक इसका आकार 60 से 83 अरब डॉलर के बीच पहुंच सकता है। इसका मतलब यह है कि अब प्रतिस्पर्धा केवल वर्तमान बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की नहीं रह गई है, बल्कि कंपनियां भविष्य के विशाल अवसरों को देखते हुए अपनी मजबूत स्थिति बनाने में जुटी हैं।

ऑर्डर क्षमता में Zepto सबसे आगे

किसी भी क्विक कॉमर्स कंपनी की सफलता का एक महत्वपूर्ण पैमाना उसके “डार्क स्टोर” की उत्पादकता होती है। डार्क स्टोर ऐसे छोटे वेयरहाउस होते हैं जहां से तेजी से ऑर्डर डिलीवर किए जाते हैं। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में Zepto के प्रत्येक डार्क स्टोर से प्रतिदिन औसतन लगभग 2,140 ऑर्डर पूरे किए गए। यह संख्या Blinkit और Instamart दोनों से अधिक है। हालांकि Blinkit के पास सबसे बड़ा डार्क स्टोर नेटवर्क है, लेकिन Zepto अपने प्रत्येक स्टोर से ज्यादा ऑर्डर प्राप्त कर रहा है, जो उसकी परिचालन दक्षता को दर्शाता है।

विस्तार के लिए हजारों करोड़ का निवेश

Zepto आने वाले वर्षों में अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने FY27 से FY30 के बीच लगभग 1,629 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है, जिससे नए और मौजूदा शहरों में डार्क स्टोर बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा, कंपनी ने अपने मौजूदा डार्क स्टोर नेटवर्क के किराये पर लगभग 1,735 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य भी तय किया है।

मापदंड Zepto Blinkit Instamart
प्रति डार्क स्टोर दैनिक ऑर्डर लगभग 2,140 Zepto से कम Zepto से कम
डार्क स्टोर संख्या लगभग 1,139 2,243 लगभग 1,139
वार्षिक सक्रिय ग्राहक 4.79 करोड़ उपलब्ध नहीं उपलब्ध नहीं

राजस्व में Blinkit सबसे आगे

अगर कारोबार के आकार की बात करें तो Blinkit फिलहाल सबसे आगे दिखाई देती है।

वित्त वर्ष 2026 में:

वित्तीय तुलना (FY26)

कंपनी राजस्व सालाना वृद्धि
Zepto 22,623 करोड़ रुपये 103%
Blinkit 37,779 करोड़ रुपये 625%
Instamart 3,859 करोड़ रुपये 81.2%

Blinkit की आय में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे स्पष्ट होता है कि कंपनी ने अपने नेटवर्क और ग्राहक आधार को आक्रामक तरीके से बढ़ाया है।

मुनाफा अब भी सबसे बड़ी चुनौती

तेजी से बढ़ते कारोबार के बावजूद क्विक कॉमर्स कंपनियां अभी भी भारी घाटे का सामना कर रही हैं। ग्राहक जोड़ने, डिलीवरी नेटवर्क मजबूत करने और नए डार्क स्टोर खोलने पर लगातार बड़े पैमाने पर खर्च किया जा रहा है।

एडजस्टेड EBITDA घाटा

कंपनी घाटा
Zepto 5,041 करोड़ रुपये
Instamart 3,511 करोड़ रुपये
Blinkit 277 करोड़ रुपये

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि Blinkit लाभप्रदता की दिशा में अपने प्रतिस्पर्धियों से काफी आगे निकल चुकी है। उसका घाटा Zepto और Instamart की तुलना में बहुत कम है।

विज्ञापन आय बन रही नया हथियार

क्विक कॉमर्स कंपनियां अब केवल डिलीवरी शुल्क और उत्पाद बिक्री पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। Zepto की कुल प्राप्ति योग्य आय (Net Receivable Value) में विज्ञापन राजस्व की हिस्सेदारी लगभग 7.9 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इससे संकेत मिलता है कि भविष्य में इन कंपनियों के लिए विज्ञापन और ब्रांड प्रमोशन भी महत्वपूर्ण आय स्रोत बनने वाले हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों की तरह अब क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी अपने ऐप पर ब्रांड्स को प्रमुख स्थान देकर अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं।

अगले चरण में होगी विस्तार की असली लड़ाई

आने वाले वर्षों में बाजार हिस्सेदारी की लड़ाई मुख्य रूप से नए डार्क स्टोर खोलने और अधिक शहरों तक पहुंच बनाने पर केंद्रित रहने वाली है।

कंपनियों की विस्तार योजनाएं

Zepto

Blinkit

Instamart

निवेशकों के लिए क्या महत्वपूर्ण होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि क्विक कॉमर्स अब केवल सुविधा आधारित सेवा नहीं रह गया है, बल्कि यह तेजी से मुख्यधारा के खुदरा कारोबार का हिस्सा बन रहा है। Zepto का प्रस्तावित IPO निवेशकों को इस तेजी से बढ़ते क्षेत्र में निवेश का नया अवसर दे सकता है। हालांकि निवेशकों को केवल राजस्व वृद्धि नहीं बल्कि निम्नलिखित पहलुओं पर भी नजर रखनी होगी

भारत का क्विक कॉमर्स उद्योग अभूतपूर्व विकास के दौर से गुजर रहा है। Zepto जहां परिचालन दक्षता और ग्राहक सक्रियता में आगे दिखाई देती है, वहीं Blinkit राजस्व और लाभप्रदता के मामले में मजबूत स्थिति में है। दूसरी ओर Instamart अभी विस्तार और दक्षता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले पांच वर्षों में यह क्षेत्र 83 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ऐसे में Zepto, Blinkit और Instamart के बीच चल रही यह प्रतिस्पर्धा केवल बाजार हिस्सेदारी की नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल रिटेल भविष्य पर कब्जे की लड़ाई बनती जा रही है।

Exit mobile version