कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड में बड़ा एक्शन: 21 बच्चों की मौत का जिम्मेदार कंपनी मालिक रंगनाथन गिरफ्तार, जहरीला केमिकल बना किडनी-लिवर फेल का कारण

Major action taken in the Cold Rif cough syrup scandal Company owner Ranganathan

कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड में बड़ा एक्शन: 21 बच्चों की मौत का जिम्मेदार कंपनी मालिक रंगनाथन गिरफ्तार, जहरीला केमिकल बना किडनी-लिवर फेल का कारण

जहरीला सिरप बना मौत का कारण

मध्य प्रदेश में जहरीले Coldrif कफ सिरप से हुई 21 बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले में आखिरकार बड़ा एक्शन हुआ है। मध्य प्रदेश पुलिस की एसआईटी (विशेष जांच दल) ने सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है। इस जहरीले सिरप ने कई घरों के चिराग बुझा दिए, और अब पुलिस ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया है, जिसे इन मासूमों की मौत का जिम्मेदार माना जा रहा था।

चेन्नई में रंगनाथन की गिरफ्तारी

सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस की एसआईटी तीन दिन से चेन्नई में डेरा डाले हुई थी। बुधवार देर रात पुलिस ने अशोक नगर थाना क्षेत्र से रंगनाथन को गिरफ्तार किया। इसके बाद टीम ने उसे कांचीपुरम के सुंगुवर्चत्रम क्षेत्र में ले जाकर पूछताछ शुरू की।
मध्य प्रदेश पुलिस ने चेन्नई पुलिस के सहयोग से यह बड़ी कार्रवाई अंजाम दी। छिंदवाड़ा पुलिस ने रंगनाथन की गिरफ्तारी पर पहले ही ₹20,000 का इनाम घोषित किया था। छिंदवाड़ा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने कहा था कि कंपनी के फरार आरोपियों की सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी। सूचना देने वाले एक स्थानीय नागरिक की मदद से पुलिस रंगनाथन तक पहुंच पाई।

46.2% जहरीला केमिकल DEG मिला

जांच में सामने आया कि Coldrif कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा 46.2 प्रतिशत पाई गई थी। यह एक अत्यंत जहरीला रासायनिक पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल इंडस्ट्रियल उत्पादों में किया जाता है, न कि दवाओं में। यही केमिकल बच्चों की किडनी और लिवर फेल होने का कारण बना। सामान्य सर्दी-खांसी के इलाज के नाम पर बेचा जा रहा यह सिरप मौत की खुराक साबित हुआ।

21 मासूमों की दर्दनाक मौत

मप्र में अब तक 21 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। छिंदवाड़ा, बैतूल और पांडुर्णा जिलों में यह त्रासदी सबसे ज्यादा देखने को मिली। पहले कई बच्चों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन किडनी और लिवर फेल होने के बाद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि कई बच्चों में विषैले तत्वों का स्तर बेहद ऊंचा पाया गया था।

जांच में एमपी पुलिस की SIT सक्रिय

मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित की है। टीम ने चेन्नई जाकर कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट दोनों जगहों पर छापेमारी की। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, नमूने और लैब रिपोर्ट जब्त की गई हैं। सूत्रों के अनुसार, SIT यह भी पता लगा रही है कि जहरीला केमिकल कहां से खरीदा गया और दवा के सैंपल की टेस्टिंग किस लैब में हुई।

तमिलनाडु सरकार ने की सख्त कार्रवाई

मध्य प्रदेश में बच्चों की मौतों के बाद तमिलनाडु सरकार ने भी तुरंत एक्शन लिया। कांचीपुरम में स्थित श्रीसन फार्मा का प्लांट सील कर दिया गया है। राज्य सरकार ने कंपनी को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए कहा कि यह मामला आपराधिक लापरवाही का है। यदि कंपनी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया तो लाइसेंस रद्द करने और एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई होगी।

कंपनी मालिक की लापरवाही…कई मां की सूनी हो गई गोद

श्रीसन फार्मा कंपनी के मालिक रंगनाथन पर आरोप है कि उसने जानबूझकर सस्ते और प्रतिबंधित केमिकल का इस्तेमाल किया ताकि उत्पादन लागत कम हो सके। आयातित फार्मा रसायनों की जगह उसने इंडस्ट्रियल ग्रेड केमिकल्स का इस्तेमाल किया, जो मानव शरीर के लिए अत्यंत घातक हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने दवा की क्वालिटी टेस्ट रिपोर्ट भी फर्जी बनाई थी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया दुश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा “यह एक दर्दनाक हादसा है। सिस्टम में कुछ चूक जरूर हुई है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले ही इस कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन कई जगह पुराना स्टॉक बिकता रहा। अब सरकार ने सभी जिलों में ऐसे दवाओं के स्पेशल सैंपल टेस्ट का आदेश दिया है।

केमिकल से हुआ अंगों को नुकसान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) शरीर में जाकर किडनी, लिवर और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। यह केमिकल शरीर से यूरिया और क्रिएटिनिन को बाहर नहीं निकलने देता, जिससे शरीर में विष जमा होने लगता है।
यही कारण था कि बच्चों में उल्टी, पेशाब बंद होना, थकान और बेहोशी जैसे लक्षण दिखे और बाद में उनकी मौत हो गई।

देशभर में प्रतिबंध और सतर्कता

मध्य प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों ने Coldrif कफ सिरप की बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि बाजार में उपलब्ध दवाओं के सैंपल की जांच दोबारा की जाए।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फार्मा उद्योग की सख्त निगरानी की सिफारिश की गई है।
Coldrif कफ सिरप कांड ने भारत के फार्मा सेक्टर को झकझोर कर रख दिया है। 21 मासूम बच्चों की मौत ने सिस्टम की लापरवाही को उजागर कर दिया है। अब जबकि कंपनी मालिक रंगनाथन गिरफ्तार हो चुका है, लोगों की उम्मीद है कि दोषियों को कठोर सजा मिले और इस तरह की त्रासदी दोबारा न दोहराई जाए। (प्रकाश कुमार पांडेय)

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