सऊदी अरब में भीषण सड़क हादसा: मक्का से मदीना जा रही बस टैंकर से टकराई, 42 भारतीय जायरीनों की दर्दनाक मौत

Major accident in Saudi Arabia Bus going from Mecca to Medina collides with tanker 42 Indians burnt alive

सऊदी अरब में भीषण सड़क हादसा: मक्का से मदीना जा रही बस टैंकर से टकराई, 42 भारतीय जायरीनों की दर्दनाक मौत

सऊदी अरब के मुफ्रिहात इलाके में सोमवार तड़के हुआ दिल दहला देने वाला हादसा। मक्का से उमरा कर मदीना जा रही तीर्थयात्रियों की बस एक डीज़ल टैंकर से टकराई। टक्कर के बाद बस में लगी भीषण आग, 42 भारतीय नागरिकों के जलकर मरने की पुष्टि। मृतकों में कई यात्री तेलंगाना के हैदराबाद से, राज्य सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर। विदेश मंत्रालय और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने शुरू किए राहत एवं बचाव कार्य।

नई दिल्ली: सऊदी अरब में सोमवार तड़के एक भीषण और दर्दनाक सड़क हादसे में 42 भारतीय उमरा तीर्थयात्रियों की जलकर मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब तीर्थयात्रियों को मक्का से मदीना ले जा रही एक बस रियाद क्षेत्र के मुफ्रिहात इलाके के पास एक डीज़ल टैंकर से टकरा गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि बस ने तुरंत आग पकड़ ली, और यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे ने भारत में শোক की लहर दौड़ा दी है, क्योंकि मृतकों में बड़ी संख्या में तेलंगाना के हैदराबाद के निवासी शामिल हैं।

कैसे हुआ यह जानलेवा हादसा?

प्रारंभिक रिपोर्टों और स्थानीय मीडिया के अनुसार, बस में लगभग 50 यात्री सवार थे, जो इस्लाम के पवित्र शहर मक्का में अपनी उमरा की रस्में पूरी करने के बाद पैगंबर के शहर मदीना की ओर जा रहे थे। सोमवार की सुबह, जब बस मुफ्रिहात इलाके से गुज़र रही थी, तभी एक तेज रफ़्तार डीज़ल टैंकर से उसकी सीधी टक्कर हो गई। डीज़ल से भरे टैंकर में टक्कर होते ही एक ज़ोरदार धमाका हुआ और दोनों गाड़ियाँ आग के विशाल गोले में तब्दील हो गईं। बस में आग इतनी तेज़ी से फैली कि अंदर सो रहे या बैठे कई यात्री उसकी चपेट में आ गए और जिंदा जल गए।

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंज़र दिल दहला देने वाला था। चारों तरफ चीख-पुकार और धुएं का गुबार था। सऊदी नागरिक सुरक्षा और रेड क्रिसेंट की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बचाव कर्मियों ने आग बुझाने और घायलों को बस से निकालने का काम शुरू किया। कई घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

सरकारी स्तर पर तत्काल कार्रवाई

इस दुखद खबर के मिलते ही भारत में सरकारी तंत्र हरकत में आ गया। तेलंगाना के कई यात्रियों के होने की सूचना पर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव के. रामकृष्णा राव और डीजीपी बी. शिवाधर रेड्डी को मामले की पूरी जानकारी जुटाने और सऊदी अरब में भारतीय दूतावास से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। तेलंगाना सरकार ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए और जानकारी प्रदान करने हेतु राज्य सचिवालय में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है। पीड़ितों के परिजन निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

7997959754
99129 19545
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की पहल

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा, “सऊदी अरब में भारतीय तीर्थयात्रियों की बस दुर्घटना की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। रियाद में हमारा दूतावास और जेद्दा में वाणिज्य दूतावास प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।”

जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 24×7 चलने वाला एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। सऊदी अरब में मौजूद भारतीयों की मदद के लिए एक टोल-फ्री नंबर 8002440003 भी जारी किया गया है। दूतावास के अधिकारी स्थानीय सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर मृतकों की पहचान करने और उनके शवों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं। आग में शवों के बुरी तरह जल जाने के कारण पहचान प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अधूरी रह गई मुक़द्दस यात्रा

यह हादसा उन परिवारों के लिए एक कभी न भरने वाला ज़ख्म छोड़ गया है, जिनके अपने एक पवित्र यात्रा पर गए थे, लेकिन कभी वापस नहीं लौटेंगे। उमरा एक महत्वपूर्ण इस्लामी तीर्थयात्रा है, जिसे करने के लिए दुनिया भर से लाखों मुसलमान हर साल सऊदी अरब जाते हैं। हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य हिस्सों से कई परिवार अपनी ज़िंदगी भर की कमाई लगाकर इस यात्रा पर जाते हैं। इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया है। फिलहाल, सभी की निगाहें सऊदी अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच और घायलों के स्वास्थ्य पर टिकी हैं, जबकि भारत सरकार मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके परिवारों तक पहुँचाने के प्रयास में जुटी है।

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