अपने पीछे कई खट्टी-मिठी यादें छोड़ गया महाकुंभ… त्रिवेणी संगम के तट पर छाए रहे कभी विवादित बयान तो कभी वीवीआईपी स्नान…!

यूपी के प्रयागराज में 45 दिन बाद महाकुंभ का समापन हो गया है। लगभग डेढ महीने तक चलने वाले इस महाकुंभ में देश विदेश के 68 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान वीवीआईपी श्रद्धालुओं का भी पूरे समय तांता लगा रहा। महाकुंभ के बीच माना जा रहा है कि वास्तविक मुद्दों को दरकिनार कर दिया गया।

इस बार का महाकुंभ कुछ ऐसा था कि इसमें जहां आम श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे थे तो वहीं नेता डुबकी तो लगा रहे थे। लेकिन सियासत के साथ ही करीब 144 साल बाद खास संयोगों के साथ आया यह महाकुंभ सियासत में खूब याद किया जाएगा। महाकुंभ को लेकर कई विवादित बयान भी रहे। चलिए देखते हैं कि कुंभ मेले के साथ साथ बयानों का सियासी मेला भी कैसा लगा।

वो बयान जिन पर गरमाती रही सियासत

मौनी अमावस के दिन महाकुंभ में हुई भगदड़ के बाद यूपी की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ.संजय निषाद ने हादसे पर विवादित और असंवेदनशील बयान दिया। मंत्री ने कहा कि “जहां जगह हो वहीं स्नान करें श्रद्धालु। भगदड़ को लेकर कह दिया कि जहां इतनी बड़ी भीड़ होती है। इतना बड़ी संख्या में प्रबंधन होता है तो वहां ऐसी छोटी मोटी घटनाएं हो ही जाती हैं।
वहीं आजाद समाज पार्टी मुखिया और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने प्रयाग महाकुंभ को लेकर कहा’ महाकुंभ में वही लोग जाएंगे जिन्होंने पाप किए हैं। इधर महाकुंभ को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौन नहीं रहीं उनका बयान भी चर्चा में रहा। ममता ने कहा यह ‘मृत्यु कुंभ’ है। वे महाकुंभ का सम्मान करती हैं वे पवित्र गंगा मां का सम्मान करती हैं, लेकिन अमीर और वीआईपी लोगों के लिए 1 लाख रुपये तक के शिविर उपलब्ध हैं वहीं गरीबों के लिए महाकुंभ में कोई व्यवस्था नहीं किये गये हैं। महाकुंभ मेला में भगदड़ की स्थिति आम है लेकिन, व्यवस्था करना सबसे महत्वपूर्ण होता है।

खड़गे भी नहीं रहे पीछे.. कह दिया स्नान से नहीं दूर होगी गरीबी

इधर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तो कह दिया कि बीजेपी नेताओं में गंगा स्नान की होड़ लगी है, लेकिन इस महाकुंंभ में स्नान से कोई गरीबी दूर नहीं होने वाली है। कांग्रेस कभी भी धर्म के नाम पर होने वाले शोषण को बर्दाश्त नहीं करने वाली है।

इस बीच गाजीपुर समाज वादी पार्टी सांसद अफजाल अंसारी भी महाकुंभ को लेकर विवादित बयान दे दिया गया। अफजाल ने रविदास जयंती के मौके पर एक कार्यक्रम के दौरान कहा “महाकुंभ में स्नान से पाप धुल रहे हैं। यहां लोगों के लिए अब बैकुंठ के रास्ते खुल रहे हैं। यानी महाकुंभ में स्नान के बाद अब कोई नर्क में नहीं जाएगा। स्वर्ग तो हाउसफुल हो जाएगा।

अखिलेश को श्रद्धालुओं की संख्या पर संदेह

समाजवादी पार्टी के मुखिया यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इस दावे को ही गलत ठहरा दिया कि महाकुंभ 144 साल बाद आयोजित हो रहा है। अखिलेश ने कहा 144 साल वाला जो गणित बीजेपी और उसकी सरकार की ओर से बताया जा रहा है, कोई भी वैज्ञानिक और जो ज्योतिष को अच्छी तरह से समझते हैं। वे जानते हैं कि महाकुंभ तो हर 12 साल में एक बार आयोजित किया जाता है। लेकिन भाजपा ने जो 144 साल का नया गणित महाकुंभ का बताया है वह किस वर्ष से नापा है। किस वजह से नापा है कोई नहीं जानता।

आरजेडी प्रमुख बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव से महाकुंभ को लेकर सवाल पूछा तो लालू ने कहा महाकुंभ का कोई मतलब नहीं है। सब फालतू की चीज है। लालू के इस बयान पर जमकर सियासी बवाल मचा।

समाजवादी पार्टी की सांसद जय बच्चन ने महाकुंभ के पानी को सबसे ज्यादा गंदा बताया। राज्यसभाम ें जया बच्चन ने कह दिया कि इस जब जलशक्ति विभाग गंदे पानी पर चर्चा कर रहा है तो इस समय पानी सबसे ज़्यादा प्रदूषित कहां है। यह महाकुंभ का पानी है। जिसमें भगदड़ में मरने वालों के शव नदी में फेंके गए। जिसके चलते पानी प्रदूषित हो गया। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं के शव गंगा में फेंक दिए गए और वहीं पानी लोगों तक आ रहा है।

सपा के सुल्तान बेग ने कह दिया था कि महाकुंभ को शमशान बना दिया गया है। महाकुंभ क्षेत्र में घोर अव्यवस्थाएं हैं, जबकि पूर्व में जब सपा सरकार में कुंभ हुआ था तो काफी व्यवस्थाएं की गई थीं।

इस सबके बीच बीजेपी सांसद और सिने तारिका हेमा मालनी ने तो महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ पर सवाल खड़े कर दिये। हेमा मालिनी ने विवादित बयान देते हुए कहा महाकुंभ में मची भगदड़ की घटना इतनी बड़ी नहीं थी, जिसे जितना बढ़ा चढ़ाकर दिखा दिया गया।

(प्रकाश कुमार पांडेय)

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