उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद एक युवक की चप्पल गुम हो गई। मंदिर के बाहर सैकड़ों चप्पलों के बीच अपनी जोड़ी तलाशना उसके लिए मुश्किल हो गया। काफी कोशिश के बाद जब चप्पल नहीं मिली तो युवक ने तकनीक का सहारा लिया और ChatGPT से मदद मांगी। उसने अपनी चप्पल की पहले से खींची हुई तस्वीर ChatGPT पर अपलोड की और मंदिर के बाहर रखी चप्पलों के ढेर की तस्वीरें भी भेजीं। इसके बाद AI ने तस्वीरों को देखकर संभावित जगह बताई और युवक को चप्पल तलाशने में मदद की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इसे AI के अनोखे इस्तेमाल के तौर पर देख रहे हैं।
महाकाल दर्शन के बाद सामने आई चप्पल खोजने की परेशानी
गोवा के रहने वाले शुभांग बोरकर उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद जब वह मंदिर से बाहर निकले तो उन्हें अपनी चप्पल निर्धारित स्थान पर नहीं मिली। आसपास काफी संख्या में जूते-चप्पल रखे हुए थे। शुभांग ने खुद काफी देर तक अपनी चप्पल खोजी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
फोन में मौजूद पुरानी तस्वीर बनी चप्पल खोजने का जरिया
चप्पल की तलाश में परेशान शुभांग को एक अलग तरीका सूझा। उन्होंने अपने फोन में सेव चप्पल की तस्वीर ChatGPT पर अपलोड की। इसके साथ उन्होंने चप्पल का रंग, डिजाइन, आकार और दूसरी पहचान बताने वाली जानकारियां भी साझा कीं। इसके बाद उन्होंने चप्पलों के ढेर की तस्वीरें लेकर AI को भेजना शुरू किया।
अलग-अलग तस्वीरों को देखकर ChatGPT ने बताई संभावित जगह
ChatGPT ने चप्पलों के ढेर को अलग-अलग एंगल से दिखाने के लिए कहा। तस्वीरें मिलने के बाद AI ने दिखाई दे रही चप्पलों की तुलना शुभांग द्वारा दी गई जानकारी से की। इसके आधार पर उसने एक खास हिस्से की ओर ध्यान दिलाया और बताया कि उनकी चप्पल किन दूसरी जोड़ियों के आसपास नजर आ रही है। इसके बाद शुभांग ने उसी जगह तलाश शुरू की।
AI की मदद से आखिरकार मिल गई गुम हुई चप्पल
शुभांग ने बताए गए स्थान के आसपास खोजबीन की तो उनकी चप्पल मिल गई। इस पूरे अनुभव को उन्होंने वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो सामने आने के बाद लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि AI का इस्तेमाल अब रोजमर्रा की छोटी-छोटी परेशानियों को हल करने में भी किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने बताया AI का अनोखा इस्तेमाल
वीडियो देखने के बाद यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने इसे ChatGPT का शानदार इस्तेमाल बताया तो किसी ने मजाक में कहा कि AI अब सवालों के जवाब देने के साथ चप्पल भी खोजने लगा है। कुछ लोगों ने युवक की समझदारी की तारीफ की, जबकि कुछ ने इसे Gen-Z की तकनीक पर बढ़ती निर्भरता से जोड़कर देखा। हालांकि, इस मामले ने एक बात जरूर दिखा दी कि सही तस्वीर और जानकारी मिलने पर AI रोजमर्रा की परेशानियों में उपयोगी सहायक साबित हो सकता है।