गैंगस्टर-खालिस्तानी टेरर लिंक पर एनआईए की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर के रतनपुरा गांव समेत देश के 100 से अधिक स्थानों पर एनआईए की छापेमारी जारी है। वहीं दिल्ली एनसीआर में 32, पंजाब-चंडीगढ़ में 67, यूपी में 3 जगह, राजस्थान, हरियाणा में 18 जगह और मध्यप्रदेश में 2 जगह तथा उत्तराखंड में 1 जगह पर छापेमारी की जा रही है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश में जारी छापेमारी। बाजपुर के गांव रतनपुरा में छापेमारी जारी किसी को भी अंदर से बाहर या बाहर से अंदर जाने की इजाजत नहीं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए की आतंकवाद नशीले पदार्थ तस्करी और गैंगस्टर लिंग से जुड़े मामलों में इन सभी राज्य में कर रही है एक साथ छापेमार कार्रवाई की गई है।
- देशभर में 6 राज्यों में एनआईए की छापेमारी
- टेरर फंडिंग से दशहत फैलाने की फिराक में गैंग्स्टर्स
- गैंगस्टर-टेरर फंडिंग नेक्सस केस में दबिश
- पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में छापेमारी
- मध्यप्रदेश, उप्र और उत्तराखंड में भी छापेमारी जारी
- एनआईए की आतंकियों और गैंग्स्टर्स के खिलाफ छापामार कार्रवाई
- टेरर फंडिंग से दशहत फैलाने की फिराक में गैंग्स्टर्स
- HUT आतंकी संगठन से जुड़ी बड़ी खबर
- HUT संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ के बाद कई खुलासे
- पूछताछ में मिले सबूत के बाद कई और गिरफ्तारी
- 19 मई को तक एटीएस के रिमांड पर 16 संदिग्ध आतंकी
- ATS के सभी संभागीय यूनिट को बुलाया था भोपाल
- ATS के सभी पुलिकर्मियों को भोपाल किया था तलब
दरअसल नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी NIA की टीम ने बुधवार को देशभर के आधा दर्जन राज्यों में सौ से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापा मार कार्रवाई शुरु की। यह कार्रवाई आतंकवादी-गैंगस्टर और नशीले पदार्थ के स्मगलर्स के नेक्सस के खिलाफ की जा रही है। इस टीम में करीब 200 अफसर शामिल हैं। जो मध्यप्रदेश, पंजाब के साथ हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में स्थानीय पुलिस की मदद से संदिग्धों के ठीकानों पर छापेमारी कार्रवाई कर रहे हैं।
एनआईए का तीन दिन में दूसरा बड़ा सर्च ऑपरेशन
बता दें NIA का ये पिछले तीन दिनों में यह दूसरा बड़ा सर्च ऑपरेशन है। इससे पहले एनआईए की टीम ने जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग को लेकर छानबीन की थी। दरअसल एनआईए की तरफ से ये छापेमारी पिछले साल दर्ज किए गए तीन अलग-अलग मामलों के सिलसिले में की जा रही है। जांच एजेंसी की ओर से पिछली 25 जनवरी को दीपक रंगा को गिरफ्तार किया था। दीपक मई 2022 में मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हमले का मुख्य आरोपी रह चुका है। इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हमले के अलावा दीपक रंगा और भी कई दूसरे आतंकवादी और आपराधिक मामलों में भी शामिल रह चुका है। साथ ही उस पर विदेश में बैठे आतंकियों से भी ताल्लुक रहे हैं। इतना ही नहीं कनाडा में गैंगस्टर और आतंकी लखबीर सिंह संधू उर्फ लांडा के साथ पाकिस्तान में आतंकी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा से भी उसका संबंध सामने आया है। दरअसल मध्यप्रदेश में पिछले दिनों पकड़े गए HUT के आतंकियों के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर है। इसके लिए ATS के सभी संभागीय यूनिट्स भोपाल बुलाई गईं थीं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के साथ भोपाल में ये कार्रवाई की गई।
पहले पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे
बता दें पिछले दिनों मध्यप्रदेश और हैदराबाद से करीब 17 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। इन आतंकियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे भी हुए थे। जिसके बाद संभागों की एटीएस टीम भोपाल पहुंचीं। बता दें मुख्य सरगना सलीम हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया था। सलीम भोपाल का रहने वाला है। बता दें सलीम पहले सौरभ था। जिसने बाद में धर्म परिवर्तन किया और और सलीम बन गया। इस दौरान सौरभ जैन के पिता अशोक जैन ने भी कई खुलासे किये। सौरभ को लेकर कहा गया कि वह इस्लाम का विशेषज्ञ हो गया था और सुरभि अग्रवाल से प्रेम विवाह किया था। सुरभि भोपाल के रातीबड़ स्थित एक कॉलेज में रजिस्ट्रार थी। जहां सौरभ प्रोफेसर था। इसी कॉलेज में सौरभ डॉ.कमाल के संपर्क आया और उसके विचार बदल गए।। बता दें मध्य प्रदेश और तेलंगाना एटीएस की टीमों ने भोपाल के साथ छिंदवाड़ा में छापेमारी की थी। जहां से 16 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। दरअसल कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन हिज्ब-उत-तहरीर यानी एचयूटी से जुड़े होने के प्रमाण भी मिले। इसके बाद देश भर में कुल 16 HUT सदस्यों की धरपकड़ की गई। जिसमें भोपाल से दस, छिंदवाड़ा से एक और तेलंगाना से पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
युवाओं को भड़काने की थी साजिश
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने इस मामले में साफ कहा मध्यप्रदेश एटीएस ने गिरफ्तार किये गये एचयूटी सदस्यों से आपत्तिजनक साहित्य जब्त किया था। इसे लेकर काफी समय से इनपुट मिल रहे थे। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। संगठन शरिया कानून को लागू करने के लिए किसी भी हद तक जाने और हिंसा का सहारा लेने में विश्वास रखता है। भोपाल से गिरफ्तार एचयूटी के दस सदस्यों को मध्यप्रदेश एटीएस ने कोर्ट में पेश किया था। जहां से कोर्ट ने एटीएस की रिमांड मंजूर करते हुए 19 मई तक पूछताछ के लिए एटीएस को सौंप दिया है। बता दें मध्य प्रदेश पुलिस से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी में कोई शिक्षक है तो कोई सॉफ्टवेयर इंजीनियर और कोचिंग टीचर। ऑटो चालक के साथ कंप्यूटर तकनीशियन और मजदूर वर्ग से भी जुड़े हैं। बता दें दमुआ क्षेत्र निवासी अब्दुल करीम अहमद को छिंदवाड़ा से पकड़ा है। करीम वहां सहकारी बैंक कॉलोनी में रहता था। साथ ही बैंक की रखरखाव शाखा में सहायक प्रबंधक के तौर पर एफडीडीआई में था। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे अब तक हो चुके हैं। आरोपी जंगलों में डेरा बनाकर छिपकर निशाना साधने का अभ्यास करते थे। जंगल में बने इन शिविरों में प्रशिक्षक हैदराबाद से आते थे साथ ही धार्मिक सभाएं भी यहां आयोजित की गईं।





