मध्यप्रदेश को मिला बिजनेस रिफॉर्म्स में ‘टॉप अचीवर स्टेट’ का सम्मान, उद्योग समागम में चमका ‘इंवेस्ट एमपी’ मॉडल
मध्यप्रदेश ने औद्योगिक सुधारों और निवेश-अनुकूल नीतियों में देशभर में एक बार फिर अपनी पहचान मजबूत की है। ‘बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP)–2024’ के अंतर्गत प्रदेश को चार प्रमुख बिजनेस सेंट्रिक रिफॉर्म क्षेत्रों — Business Entry, Labour Regulation Enablers, Land Administration और Services Sector — में ‘Top Achiever State’ का सम्मान मिला है। नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित ‘उद्योग समागम’ में यह सम्मान मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदान किया। यह पुरस्कार न केवल मध्यप्रदेश की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों का प्रमाण है, बल्कि निवेशकों के बीच राज्य की बढ़ती विश्वसनीयता का प्रतीक भी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश
निवेश-अनुकूल माहौल ही विकास की कुंजी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने ‘Ease of Doing Business’ को केवल नीति सुधार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे ‘Speed, Scale और Skill of Doing’ में बदल दिया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में उद्योगों को नई दिशा मिली है। मध्यप्रदेश ने इस दृष्टिकोण को जमीन पर उतारते हुए निवेश के लिए पारदर्शी, विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी वातावरण तैयार किया है। सीएम डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में हाल के वर्षों में औद्योगिक विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य के हर क्षेत्र में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव्स से स्थानीय उद्यमिता को नई ऊर्जा मिली है। राजधानी भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर नई ऊँचाई दी है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में शीर्ष स्थान
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की औद्योगिक प्रगति केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। कार्यक्रम में उन्होंने BRAP 2026 गाइडबुक का विमोचन किया और इसे “गुड गवर्नेंस एवं ट्रस्ट-बेस्ड पॉलिसी मेकिंग का जीवंत दस्तावेज़” बताया। मध्यप्रदेश को लगातार दूसरे वर्ष Ease of Doing Business रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य ने 2,600 से अधिक अनुपालनों को डिजिटाइज किया है, 925 पुराने कानूनी प्रावधानों को निरस्त किया है और 26 अधिनियमों में 108 धाराओं को अपराधमुक्त (Decriminalized) किया है।
MP e-Seva Portal और जनविश्वास अधिनियम बने मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने जनविश्वास अधिनियम के माध्यम से निवेशकों के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। MP e-Seva Portal से अब 56 विभागों की 1,700 से अधिक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं। यह पहल न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाती है, बल्कि निवेशकों को तीव्र और पारदर्शी सेवा अनुभव प्रदान करती है। राज्य के SAMPADA 2.0, Cyber Tehsil, Labour Case Management System, और RCMS जैसे डिजिटल इनोवेशन ने गवर्नेंस को पेपरलेस, फेसलेस और टाइम-बाउंड बनाया है। इसी मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाने की चर्चा हो रही है।
एमएसएमई और आईटी सेक्टर पर विशेष फोकस
इस कार्यक्रम के दौरान एमपी के एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ने ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। जनविश्वास बिल 2024 के तहत पाँच विभागों के आठ अधिनियमों की 64 धाराओं में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। InvestMP Portal और Single Window System के जरिये निवेशकों को सभी अनुमतियाँ एक ही प्लेटफॉर्म पर दी जा रही हैं। मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में 18 नई औद्योगिक नीतियों का विमोचन किया गया और धार में देश के सबसे बड़े पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क का शिलान्यास हुआ। इन कदमों से मध्यप्रदेश निवेश के नए अवसरों का केंद्र बनकर उभर रहा है।
श्रम और भूमि सुधारों से बढ़ी प्रतिस्पर्धात्मकता
मध्यप्रदेश के श्रम सुधारों को भी ‘गेम-चेंजर’ माना जा रहा है। राज्य ने महिलाओं को सभी क्षेत्रों में रात की शिफ्टों में काम करने की अनुमति दी है और काम के घंटों तथा ओवरटाइम प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाकर उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाया है। भूमि प्रबंधन (Land dministration) में डिजिटल रिकॉर्डिंग, GIS मैपिंग और तेज़ मंजूरी प्रणाली ने निवेश प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाया है।
अनुकूल नीति पारिस्थितिकी तंत्र
राज्य सरकार ने 18 भविष्योन्मुखी औद्योगिक नीतियाँ तैयार की हैं, जो नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इन नीतियों से दीर्घकालिक निवेश स्थिरता और नवाचार के लिए स्पष्ट दिशा मिलती है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम, ई-सेवा पोर्टल, और SAMPADA 2.0 जैसी नागरिक-केंद्रित पहलें शासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बना रही हैं।
गौरतलब है कि SAMPADA 2.0 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस गोल्ड अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया।
भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में मध्यप्रदेश की भूमिका। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि “राज्यों के नवाचारों और सुधारों का यह साझा मंच भारत को ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य तक पहुँचाने में तेजी प्रदान करेगा। उन्होंने मध्यप्रदेश के मॉडल को अन्य राज्यों के लिए “इंस्पायरिंग एग्ज़ाम्पल” बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी कहा मध्यप्रदेश का लक्ष्य केवल उद्योग बढ़ाना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार देना, नवाचार को प्रोत्साहन देना और निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य बनना है।
निवेश का नया केंद्र बनता मध्यप्रदेश
आज मध्यप्रदेश निवेश, नवाचार और औद्योगिक विस्तार का नया केंद्र बन चुका है। राज्य में तेजी से विकसित हो रहे आईटी पार्क, टेक्सटाइल कॉरिडोर, फूड प्रोसेसिंग हब और नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट इस परिवर्तन की गवाही दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश अब केवल Ease of Doing Business में नहीं, बल्कि Ease of Living में भी सुधार की दिशा में अग्रसर है। यह परिवर्तन ‘गुड गवर्नेंस’ और ‘विश्वास आधारित विकास’ की वह मिसाल है जो भारत को आत्मनिर्भरता की राह पर और मजबूत बनाता है। BRAP 2024’ में टॉप अचीवर स्टेट का सम्मान मध्यप्रदेश की उस दूरदर्शी नीतिगत सोच की पहचान है जिसने उद्योग, निवेश और रोजगार को विकास का केंद्र बनाया। मध्यप्रदेश अब केवल भारत का हृदय नहीं, बल्कि ‘इंडस्ट्रियल ग्रोथ का धड़कता दिल’ बन चुका है।