मध्यप्रदेश में नवंबर की ठिठुरन ने तोड़ा 84 साल का रिकॉर्ड! नौगांव सबसे ठंडा, भोपाल-इंदौर के तापमान ने चौंकाया
मध्यप्रदेश में इस वर्ष नवंबर का महीना असामान्य ठंड और तापमान के तेजी से उतार-चढ़ाव के लिए याद रखा जाएगा। प्रदेश के कई जिलों में पिछले 84 वर्षों तक कायम रहे रिकॉर्ड टूटे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक नवंबर के पहले व दूसरे सप्ताह में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने न सिर्फ मौसम वैज्ञानिकों को हैरान किया, बल्कि आम लोगों को भी कड़ाके की ठंड का अहसास कराया।
भोपाल और इंदौर में टूटा वर्षों पुराना रिकॉर्ड
राजधानी भोपाल में नवंबर का तापमान 84 साल बाद इतना नीचे आया कि यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड बन गया। वहीं इंदौर में भी 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया, जिससे रात के समय ठंड ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।
हालांकि नवंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम ने कुछ राहत दी और शीतलहर का असर कम हुआ है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक मध्यप्रदेश के किसी जिले में शीतलहर का अलर्ट नहीं रहेगा।
नौगांव सबसे ठंडा – पारा लुढ़का 8°C तक
पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट रीवा और शहडोल संभाग में दर्ज की गई।
छतरपुर जिले के नौगांव में तापमान 8°C रिकॉर्ड हुआ, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम था।
रीवा में न्यूनतम तापमान 8.9°C रहा।
मुरैना में 9.4°C,
खजुराहो में 9.6°C,
चित्रकूट में 9.7°C दर्ज किया गया।
इन जिलों में सुबह और देर शाम तेज ठंडी हवाएँ चल रही हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
बड़े शहरों में गिरावट लेकिन ठंड से आंशिक राहत
प्रदेश के बड़े शहरों में भी तापमान में गिरावट दर्ज हुई, लेकिन पिछले सप्ताह की तुलना में यहां कुछ राहत देखने को मिली।
ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 10°C के आसपास रहा।
भोपाल 14°C,
जबलपुर 15°C,
उज्जैन 16.7°C,
इंदौर 16.8°C पर दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट असामान्य नहीं है, क्योंकि मध्य प्रदेश में नवंबर के अंत और दिसंबर की शुरुआत में तापमान अक्सर कम हो जाता है। लेकिन इस बार नवंबर की शुरुआत में ही ज़रूरत से ज्यादा ठंड पड़ने लगी थी, वहीं अब माह के अंत में तापमान कुछ स्थिर होने लगा है।
प्रदेश में बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं, फिर भी क्यों हो रही ठंड?
मौसम विभाग की माने तो फिलहाल मध्यप्रदेश में कोई बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिसके चलते तापमान लगातार गिर रहा हो। लेकिन कुछ मौसमीय गतिविधियाँ तापमान को प्रभावित कर रही हैं–
1. पूर्वी हिस्सों में ‘सब-हवा’ का प्रभाव
पूर्वी मध्यप्रदेश में रात के समय सूखी और ठंडी हवाओं का बहाव बढ़ गया है, जिसके चलते तापमान सामान्य से कम बना हुआ है।
2. अंडमान में लो-प्रेशर सिस्टम
दक्षिणी अंडमान सागर क्षेत्र में एक लो-प्रेशर सिस्टम बन रहा है, जिसका अप्रत्यक्ष प्रभाव हवा की दिशा पर पड़ सकता है।
3. बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन की संभावना
24 नवंबर से बंगाल की खाड़ी में एक डिप्रेशन बनने की संभावना है। हालांकि इसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर नहीं होगा, लेकिन हवाओं की दिशा बदलने से ठंड में उथल-पुथल हो सकती है।
आने वाले दिनों में क्या रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। रात का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर बने रहने से सुबह-शाम की ठंड बनी रहेगी। किसी भी जिले में ठंड का अलर्ट या शीतलहर की चेतावनी नहीं जारी की गई है। लेकिन जिन जिलों में न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे है, वहां लोगों को सुबह-रात गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
किस जिले का तापमान कितना
नौगांव (छतरपुर) – 8°C
रीवा – 8.9°C
मुरैना – 9.4°C
खजुराहो – 9.6°C
चित्रकूट (सतना) – 9.7°C
बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान
इंदौर – 16.8°C
उज्जैन – 16.7°C
जबलपुर – 15°C
भोपाल – 14°C
ग्वालियर – 10°C
नवंबर 2025 मध्यप्रदेश के इतिहास में ठंड के लिहाज से बेहद खास रहा है। जहां एक ओर राजधानी भोपाल में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा, वहीं इंदौर ने भी पिछले 25 वर्षों का सबसे ठंडा नवंबर देखा। प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया, जबकि नौगांव में न्यूनतम तापमान सबसे कम रहा। फिलहाल प्रदेश में कोई बड़ा मौसमीय सिस्टम सक्रिय नहीं है, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण रात का तापमान अभी और कुछ समय तक प्रभावित रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से बदलते तापमान के बीच सावधानी बरतने की अपील की है।





