मध्यप्रदेश का नया विज़न – फार्म टू फैशन…भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब बनेगा धार का पीएम मित्रा पार्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 5F रणनीति — “Farm to Fiber to Factory to Fashion to Foreign” भारत के वस्त्र उद्योग को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने के लिए कारगर साबित हो रही है। इसे अब मध्यप्रदेश में धरातल पर उतारा जा रहा है। राज्य के मुखिया सीएम डॉ.मोहन यादव के विजन और नेतृत्व में राज्य टेक्सटाइल सेक्टर के नए युग में प्रवेश कर रहा है। एमपी के धार जिले में बनने वाला पीएम मित्रा पार्क न केवल भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब बनेगा, बल्कि यह रोजगार, निवेश, नवाचार और निर्यात का प्रमुख केंद्र भी सिद्ध होगा।
- मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व में नया औद्योगिक युग
- भूमिका: “फार्म टू फैशन” की ओर एक मजबूत कदम
- पीएम मित्रा पार्क भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब बनेगा
- रोजगार, निवेश, नवाचार और निर्यात का प्रमुख केंद्र भी सिद्ध होगा
राष्ट्रीय फलक पर मध्यप्रदेश
नई दिल्ली के आईटीसी मौर्य होटल में पिछले दिनों आयोजित “इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क” में देश-विदेश के उद्योगपतियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरीराज सिंह ने भारत की वैश्विक टेक्सटाइल नीति पर विचार साझा किए, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष संबोधन में निवेशकों को मध्यप्रदेश की अद्वितीय संभावनाओं से अवगत कराया।
पीएम मित्रा पार्क: टेक्सटाइल का टर्निंग पॉइंट
धार जिले में प्रस्तावित यह पार्क 2,158 एकड़ में फैला होगा, जिसे अत्याधुनिक टेक्सटाइल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पार्क “Made in MP – Wear Across the World” की अवधारणा को साकार करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा “यह पार्क फार्म टू फैशन की पूरी वैल्यू चेन को एकीकृत करेगा। इससे न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।”
निवेश के लिए स्वर्णिम अवसर
पीएम मित्रा पार्क निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहनों के साथ अत्यंत लाभकारी सुविधाएं प्रदान कर रहा है।
भूमि प्रीमियम: ₹1/वर्ग मीटर
डेवलपमेंट चार्ज: ₹120/वर्ग फुट
बिजली दर: ₹4.5/यूनिट
जल आपूर्ति: ₹25/किलोलीटर
यह देश में टेक्सटाइल निवेश के लिए सबसे प्रतिस्पर्धी दरें हैं।
वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर
इस पार्क की आधारभूत संरचना पर 2,063 करोड़ रुपये निवेश किए जा रहे हैं। 60 व 45 मीटर चौड़ी सड़कें। सीवरेज, ड्रेनेज व अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क। लॉजिस्टिक्स हब, CETP, सोलर प्लांट। प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स।सेंट्रलाइज्ड स्टीम बॉयलर। स्मार्ट मॉनिटरिंग (CCTV, IoT, SCADA)। 6-लेन अप्रोच रोड, 220 केवी बिजली लाइन। 20 एमएलडी जलापूर्ति योजना। यह पार्क NH 47 से 40 किमी, इंदौर एयरपोर्ट से 110 किमी, और रेलवे स्टेशन से 16 किमी दूर स्थित है। साथ ही यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और ड्राई पोर्ट (पिथमपुर/तिही) से भी जुड़ा होगा।
सामाजिक व अनुसंधान सुविधाएं
यह पार्क केवल उद्योगों का केंद्र नहीं होगा, बल्कि एक विकसित वर्क-लाइफ इकोसिस्टम भी बनाएगा। आवासीय टावर,महिला कर्मचारियों के लिए विशेष आवास,चाइल्ड केयर सेंटर,प्राथमिक चिकित्सा केंद्र,रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैब्स,टेक्सटाइल क्वालिटी टेस्टिंग सेंटर,इससे यह पार्क न केवल इंडस्ट्री-फ्रेंडली, बल्कि वर्कर-फ्रेंडली भी बनेगा।
वैश्विक निवेशकों की दिलचस्पी
PM मित्रा पार्क में निवेश के लिए कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड रुचि दिखा चुके हैं। HanesBrands, PVH Corp (Calvin Klein, Tommy , Hilfiger), Puma, Mothercare, साथ ही, बायर सोर्सिंग लीडर्स (BSL) के साथ हुए MOU से डिज़ाइन, लॉजिस्टिक्स और स्किल डेवेलपमेंट का समन्वय और सशक्त होगा।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
भारत में कई राज्य टेक्सटाइल पार्क विकसित कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो “मध्यप्रदेश का पीएम मित्रा पार्क आकार, नीति और इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में भारत का सबसे बड़ा और प्रभावी टेक्सटाइल पार्क होगा। यह पार्क भारत को ग्लोबल टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। एमपी के धार का पीएम मित्रा पार्क आर्थिक विकास, सामाजिक समावेश और तकनीकी नवाचार का आदर्श उदाहरण बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब सिर्फ “ह्रदय स्थल” नहीं, बल्कि भारत के टेक्सटाइल भविष्य का केंद्र बनने जा रहा है। “मध्यप्रदेश से अब फैशन की नई कहानी लिखी जाएगी – खेत से लेकर कैटवॉक तक।( प्रकाश कुमार पांडेय)





