मध्यप्रदेश में गर्मी का ‘मार्च’: तपने लगी धरती, कई जिलों में 40 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान…

Madhya Pradesh March heats

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है और मार्च की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह होते ही कई शहरों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस किया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में दोपहर के समय लू जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को मार्च के पहले ही सप्ताह में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

मध्य प्रदेश में मार्च में ही तपने लगी धरती

कई जिलों में 40 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान

मालवा-निमाड़ क्षेत्र सहित तेजी से बढ़ रहा प्रदेश के कई शहरों में तापमान

मालवा-निमाड़ क्षेत्र सहित प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में पारा 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के करीब दर्ज किया जा रहा है, जिससे दिन के समय लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तापमान में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है।

हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार मार्च में जल्दी गर्मी पड़ने का मुख्य कारण हवा की दिशा में बदलाव है। फिलहाल प्रदेश में हवा उत्तर-पूर्व की जगह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही है। इन हवाओं के साथ राजस्थान और आसपास के रेगिस्तानी इलाकों से गर्म और शुष्क हवा मध्य प्रदेश तक पहुंच रही है। इसके साथ ही हवा में नमी का स्तर भी काफी कम हो गया है। कम नमी और तेज धूप के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है और जमीन तेजी से गर्म हो रही है। यही कारण है कि सुबह और शाम के समय भी मौसम में हल्की गर्माहट महसूस होने लगी है।

कई संभागों में सामान्य से ज्यादा तापमान

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के अधिकांश संभागों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। बीते 24 घंटे में प्रदेश के सभी संभागों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा और कहीं भी बारिश या बादल की स्थिति नहीं बनी। भोपाल, इंदौर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में तापमान सामान्य से लगभग 1.9 से 2.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभागों में तापमान सामान्य से कहीं अधिक रहा। इन क्षेत्रों में तापमान 3.1 से 4.6 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे और वृद्धि होने की संभावना है।

पांच जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी

प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन पांच जिलों में गर्मी सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है। इन जिलों में दोपहर के समय तेज धूप के कारण लोग गर्मी से परेशान दिखाई दे रहे हैं। सबसे अधिक तापमान रतलाम में दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद बड़वानी जिले के तालुन क्षेत्र में 38.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। धार जिले में तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि नर्मदापुरम में 38.1 डिग्री सेल्सियस और मंदसौर में लगभग 38 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इन जिलों में दिन के समय तेज धूप के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम देखने को मिली।

पहाड़ी इलाकों में राहत

जहां मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर बढ़ रहा है, वहीं पहाड़ी इलाकों में अभी भी मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान करीब 31.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो बाकी जिलों की तुलना में काफी कम है। पचमढ़ी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक अभी भी बनी हुई है, जिससे वहां का मौसम लोगों के लिए राहत भरा है।

10 मार्च का संभावित तापमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10 मार्च को भी प्रदेश के कई शहरों में तापमान ऊंचा रहने की संभावना है। रतलाम में अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री रहने का अनुमान है। राजगढ़ में अधिकतम 38 और न्यूनतम 21 डिग्री, टीकमगढ़ में अधिकतम 38 और न्यूनतम 19 डिग्री रहने का अनुमान है। उज्जैन और इंदौर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक पहुंच सकता है। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है। वहीं सागर, ग्वालियर, गुना और बैतूल जैसे शहरों में भी तापमान 36 से 37 डिग्री के आसपास रह सकता है।

पिछले साल से ज्यादा पड़ रही गर्मी

मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार मार्च में गर्मी ज्यादा महसूस की जा रही है। हवा की दिशा में बदलाव और नमी की कमी इसके मुख्य कारण हैं। अगर मौसम की यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे प्रदेश के कई जिलों में मार्च के अंत तक गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय तेज धूप से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं। आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी के साथ प्रदेश में गर्मी का असर और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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