मध्यप्रदेश में मई की भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में लू जैसे हालात बने हुए हैं और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे गर्म शहर बन गया है।
प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया। नौगांव में 46.6 डिग्री, दमोह में 46 डिग्री, मंडला में 45.6 डिग्री और सतना में 45.3 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। जबलपुर में पारा 44.9 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रीवा, उमरिया, नरसिंहपुर और सागर जैसे जिलों में भी भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। राजधानी भोपाल में तापमान 42.6 डिग्री और ग्वालियर में 44.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
मध्यप्रदेश के सबसे गर्म शहर
शहर तापमान (°C)
खजुराहो 47.4
नौगांव 46.6
दमोह 46.0
मंडला 45.6
सतना 45.3
जबलपुर 44.9
टीकमगढ़ 44.8
उमरिया 44.7
रीवा 44.5
मालांजखंड 44.5
नरसिंहपुर 44.4
सागर 44.4
ग्वालियर 44.3
रायसेन 44.2
राजगढ़ 44.0
तेज गर्मी के चलते दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर गर्मी का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। कई जिलों में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। रायसेन में न्यूनतम तापमान 31.4 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और उत्तरी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश में गर्मी लगातार बढ़ रही है। अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
बढ़ती गर्मी का असर बिजली और पानी की खपत पर भी दिखाई दे रहा है। शहरों में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या गहराने लगी है। कई इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आई हैं। गर्मी के कारण कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर का उपयोग तेजी से बढ़ गया है।





