मार्च में ही तपने लगा मध्य प्रदेश, कई जिलों में 39 डिग्री पार
मध्य प्रदेश में इस साल मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। आमतौर पर मार्च के महीने में मौसम सुहावना रहता है और लोगों को हल्की गर्मी के साथ ठंडक का भी एहसास होता है, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को अभी से मई-जून जैसी गर्मी का अनुभव होने लगा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर यह सामान्य से 8 से 13 डिग्री सेल्सियस तक अधिक है, जो इस समय के लिए असामान्य माना जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि इस तरह की स्थिति को शुरुआती हीटवेव की स्थिति कहा जा सकता है।
सामान्य से ज्यादा गर्म मार्च
फरवरी के अंत तक कई क्षेत्रों में ठंड की वापसी देखी गई थी, जिससे लोगों को उम्मीद थी कि मार्च का मौसम भी सामान्य रहेगा। लेकिन मार्च की शुरुआत के साथ ही अचानक तापमान तेजी से बढ़ने लगा। मौसम विज्ञान विभाग ने अपने मासिक पूर्वानुमान में पहले ही संकेत दिया था कि इस बार मध्य प्रदेश में मार्च के दौरान दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है। इसके साथ ही उत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में हीटवेव जैसे हालात बनने की संभावना भी जताई गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी जल्दी तापमान का 39 डिग्री तक पहुंचना सामान्य नहीं है। आमतौर पर प्रदेश में इस तरह की गर्मी मई के शुरुआती दिनों में देखने को मिलती है। लेकिन इस बार मौसम के पैटर्न में बदलाव के कारण गर्मी समय से पहले दस्तक दे रही है।
कई शहरों में लू जैसी स्थिति
प्रदेश के कई शहरों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लू जैसी स्थिति महसूस होने लगी है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को रतलाम में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा खजुराहो, धार, गुना, दमोह, सागर, श्योपुर और मंडला में भी तापमान 38 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया है। वहीं ग्वालियर और उज्जैन में अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री दर्ज किया गया। दिन के समय तेज धूप के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम में बदलाव से बढ़ रही परेशानी
मार्च के महीने में मौसम के इस अचानक बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। दिन में तेज गर्मी जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंडक बनी रहने से तापमान में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। इस उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार लोग दिन में गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने लगते हैं, लेकिन सुबह और रात के समय ठंडक के कारण शरीर पर इसका असर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के इस बदलाव के दौरान लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी तापमान में ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। कुछ स्थानों पर तापमान और बढ़ सकता है। साथ ही मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में हीटवेव जैसे हालात बनने की आशंका भी जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और बदलते मौसम चक्र के कारण इस तरह की असामान्य परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं। अगर यही स्थिति बनी रही तो अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी और अधिक तीव्र हो सकती है।
सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने लोगों को तेज धूप से बचने की सलाह दी है। दिन के समय घर से बाहर निकलते समय सिर को ढकने, पर्याप्त पानी पीने और हल्का भोजन करने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने की भी सलाह दी जा रही है। मार्च के महीने में ही इतनी तेज गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया है। अगर यही स्थिति जारी रहती है तो आने वाले महीनों में प्रदेश को और भी ज्यादा गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल मौसम विभाग की नजर इस बदलते मौसम पर बनी हुई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।