OBC छात्रावासों में अब मिलेगा भोजन: मोहन सरकार का बड़ा फैसला…छात्रावास में रहते हैं 9000 से अधिक छात्र…!

Madhya Pradesh government provides food in OBC state hostel

मध्य प्रदेश सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के छात्रावासों में भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब छात्रों को भोजन के लिए बाहर होटल या ढाबों पर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उन्हें छात्रावास परिसर में ही उचित पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

वर्तमान में राज्य भर में करीब 6000 ओबीसी छात्रावास हैं, जिनमें 9000 से अधिक छात्र निवास करते हैं। अभी तक इन छात्रावासों में केवल रहने की सुविधा दी जाती थी, भोजन की कोई व्यवस्था नहीं थी। छात्रों को खाने के लिए बाहरी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उन्हें असुविधा होती थी और अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था। इस समस्या को समाप्त करने के लिए सरकार ने भोजनालय (मेस) व्यवस्था को मंजूरी दी है।

सरकार का अनुमान है कि इस योजना पर प्रत्येक वर्ष करीब ₹17 करोड़ खर्च होंगे। यह कदम न केवल छात्रों की जीवनशैली सुधारने की दिशा में है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय ओबीसी छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है। भोजन की सुविधा मिलने से छात्रों को न केवल आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि उन्हें समय और स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी हासिल होंगे। इसके साथ ही शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में लिए गए अन्य फैसले भी राज्य के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होंगे।

राजीव गांधी विश्वविद्यालय को 10 एकड़ भूमि

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का कैंपस भी भोपाल के लिए मंजूर किया है। मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं प्रदेश में राजीव गांधी विश्वविद्यालय के लिए करीब 10 एकड़ जमीन की स्वीकृति प्रदान की गई है। जब तक इनकी बिल्डिंग नहीं बन जाती तब तक के लिए आरजीपीवी में ही स्थान दिया जाएगा।

इन शहरों में खोले जाएंगे एससी-एसटी कार्यालय

मध्यप्रदेश के पांढुर्णा मैहर और मऊगंज में अनुसूचित जनजाति-जनजाति कार्यालय खोलने को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इस पर करीब 3 करोड़ 81 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे।

फोरेंसिक विशेषज्ञों की भर्ती
नए कानूनों को मिली मंजूरी

इसके साथ ही कैबिनेट में नए कानूनों को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सात साल और उससे अधिक सजा प्राप्त अपराधों के लिए 1266 फोरेंसिक एक्सपर्ट के पदों को सृजित किया गया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इन पदों पर भर्ती के बाद मध्यप्रदेश में अपराधों की जांच में गति आएगी। राज्य में गंभीर अपराधों की जांच को तेज और सटीक बनाने के लिए 1266 फोरेंसिक एक्सपर्ट्स के पद सृजित किए गए हैं। यह नई व्यवस्था कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

शिक्षा और प्रशासन में अन्य बड़े फैसले

इस कैबिनेट बैठक में शिक्षा और प्रशासन से जुड़ी कुछ और महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का कैंपस स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। जो राज्य के लिए एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि मानी जा रही है। –( प्रकाश कुमार पांडेय)

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