मध्य प्रदेश सरकार के बजट का विश्लेषण: 2025–26 और आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए क्या उम्मीदें?
भोपाल — मध्य प्रदेश सरकार ने 12 मार्च 2025 को वित्त वर्ष 2025–26 का बजट पेश किया था, जिसे राज्य की विकास प्राथमिकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया। अगले बजट (2026–27) को लेकर भी अब मजबूत उम्मीदें बन रही हैं, क्योंकि प्रदेश विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, कृषि और स्थानीय साधन-संपन्नता को अगले चरण में ले जाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
2025–26 का बजट: विकास, पूंजी व्यय और नए प्रस्ताव
2025–26 के बजट में मुख्य फोकस आर्थिक विकास, कौशल विकास, कृषि समर्थन और सामाजिक योजनाओं पर रहा।
मुख्य बातें इस प्रकार रहीं:
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GSDP अनुमान: 16,94,477 करोड़ रुपये (13% वृद्धि) — यह संकेत देता है कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है।
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कुल व्यय: 3,75,335 करोड़ रुपये — पिछले वर्ष की तुलना में 14% वृद्धि।
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राजकोषीय घाटा: 78,900 करोड़ रुपये (GSDP का 4.7%)।
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राष्ट्रीय अधिशेष: 618 करोड़ रुपये का राजकोषीय अधिशेष रखा गया।
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मुख्य योजनाएँ:
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युवाओं के लिए कौशल विकास और तकनीकी संस्थानों की स्थापना
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“मुख्यमंत्री समृद्ध परिवार योजना”
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किसानों के लिए “मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना”
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इस बजट में समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए संसाधनों में संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया।
खेती और किसान कल्याण
अन्नदाताओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
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850 करोड़ रुपये कृषि विकास के लिए
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फसल विविधीकरण व कृषि तकनीक को बढ़ावा
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कृषि ऋण में सहूलियत के प्रस्ताव
किसानों को कृषि में नयी तकनीक और प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा गया, ताकि उनकी आय और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो।
युवा और कौशल विकास
प्रदेश सरकार ने घोषणा की कि अगले पाँच वर्षों में हर संभाग में प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित होंगे, ताकि बेहतर कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध हो सके और युवाओं को नौकरी के अवसर मिलें।
आने वाले बजट (2026–27): उम्मीदें और अनुमान
2025–26 के बजट के विश्लेषण के आधार पर विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले बजट में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर जोर होगा:
1. रोज़गार सृजन और स्वरोज़गार
बजट 2026–27 में रोजगार स्कीमों को और विस्तारित करने की संभावनाएँ हैं, खासकर डिजिटल सेक्टर, स्टार्टअप और MSME क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए।
2. बुनियादी ढांचे का विस्तार
राज्य में सड़कों, स्मार्ट शहर परियोजनाओं, ग्रामीण कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्किंग पर नए प्रावधान किया जा सकता है।
3. स्वास्थ्य और शिक्षा
कोविड-19 के बाद स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के अतिरिक्त प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही उच्च शिक्षा में निवेश बढ़ाने की सम्भावना बनी है।
4. डिजिटल अर्थव्यवस्था
मध्य प्रदेश को एक डिजिटल हब के रूप में विकसित करने के प्रयास जारी हैं। सरकार के द्वारा डिजिटल स्टार्टअप्स और तकनीकी प्रशिक्षण पर नए प्रस्ताव रखे जा सकते हैं।
5. सामाजिक कल्याण योजनाएँ
गरीब, बुज़ुर्ग, महिला सशक्तिकरण एवं वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं में अधिक संसाधन आवंटित होंगे, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिल सके।
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राजकोषीय अनुशासन: अगले बजट में भी घाटे को नियंत्रण में रखने का प्रयास होगा।
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अर्थव्यवस्था की मजबूती: राज्य की अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखते हुए विकास के साथ सामाजिक लाभ को बढ़ावा दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश का 2025–26 बजट विकास और समावेशन की दिशा में संतुलित रहा, जिसमें कृषि, युवाओं, कौशल विकास, सामाजिक योजनाएं और बुनियादी ढांचा प्रमुख रहे। अब 2026–27 के बजट के लिए उम्मीद यह जताई जा रही है कि यह आर्थिक वृद्धि को और तेज़ करेगा, रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा और राज्य को डिजिटली सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।





