मध्यप्रदेश में 22,500 पुलिस कर्मियों की भर्ती का ऐलान…मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ये बड़ा ऐलान …
मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के साथ ही सिंहस्थ-2028 की व्यापक तैयारियों को लेकर प्रदेश की मोहन सरकार एक्टिव मोड में आ गई है। इसी के चलते राज्य मुखिया डॉ.मोहन यादव ने पुलिस विभाग में 22 हजार 500 नए पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। बता दें पुलिस विभाग में यह भर्ती अगले तीन साल के दौरान चरणबद्ध रुप में की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के इस ऐलान से प्रदेश के युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और उन्होंने इसे रोजगार के अवसरों और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है।
- MP में 22,500 पुलिस भर्ती योजना
- 2026 से नया पुलिस भर्ती बोर्ड करेगा प्रक्रिया
- हर साल होंगे 7500 पदों पर चयन
- सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर भी खास ध्यान
अब बनेगा मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड
अब तक पुलिस विभाग में भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होती रही हैं। लेकिन मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि पुलिस विभाग में जल्द से जल्द मानव संसाधन उपलब्ध कराने और भर्ती प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी बनाने के लिए “मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड” का गठन किया जाएगा। यह बोर्ड विशेष रूप से पुलिस विभाग की भर्तियों की जिम्मेदारी संभालेगा। इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, परफेक्शन और तेजी आएगी।
हर वर्ष होंगे 7,500 पदों पर चयन
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में स्वीकृत पदों पर भर्ती का कार्य कर्मचारी चयन मंडल द्वारा किया जाएगा, लेकिन वर्ष 2026 से यह जिम्मेदारी पुलिस भर्ती बोर्ड को सौंपी जाएगी। चरणबद्ध योजना के तहत तीन वर्षों में कुल 22,500 पुलिसकर्मियों की भर्ती पूरी कर ली जाएगी। यह रणनीति न केवल बेरोजगार युवाओं के लिए अवसर लेकर आएगी बल्कि पुलिस बल की कार्यक्षमता भी दोगुनी करेगी।
गृह एवं वित्त विभाग की संयुक्त बैठक
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने यह भी निर्देश जारी किये हैं और कहा है कि प्रदेश में गृह विभाग से जुड़ी सभी सेवाओं के आधुनिकीकरण के साथ लंबित मामलों के समाधान के लिए शीघ्र ही गृह और वित्त विभाग की साझा बैठक भी बुलाई जाएगी। इससे भर्ती प्रक्रिया और भी तेज होगी और पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा।
शहीदों के परिवारों के लिए विशेष घोषणा
भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस, जेल और नगर सेवा एवं सुरक्षा विभागों में शहीद हुए कर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के लिए विशेष प्रावधानों की घोषणा की। शहीदों की विधवाओं और बच्चों को स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों में विभिन्न प्राथमिकता श्रेणियों में एक अतिरिक्त सीट पर आरक्षण दिया जाएगा। यह कदम शहीद परिवारों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में उठाया गया है।
सुरक्षा कर्मियों को मिलेगा विशेष भत्ता
प्रदेश सरकार ने वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों, उप पुलिस अधीक्षक और उससे उच्च अधिकारियों को पात्रता अनुसार विशेष भत्ता और जोखिम भत्ता देने का भी निर्णय लिया है। इससे न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि उन्हें अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रोत्साहन भी मिलेगा।
कानून-व्यवस्था और सिंहस्थ की तैयारी पर असर
प्रदेश में आगामी वर्षों में बड़े आयोजन होने जा रहे हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण सिंहस्थ-2028 है। लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के जुटने वाले इस आयोजन को देखते हुए सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाना बेहद जरूरी है। सरकार का मानना है कि 22,500 नए पुलिसकर्मियों की भर्ती से कानून-व्यवस्था और भी बेहतर होगी और प्रदेशवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
युवाओं में उत्साह, विपक्ष ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रदेशभर में युवाओं ने इसे रोजगार की दिशा में बड़ा अवसर बताया है। सोशल मीडिया पर युवा सरकार का आभार व्यक्त कर रहे हैं। हालांकि, विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं कि क्या यह भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी हो पाएगी? विपक्ष का आरोप है कि पिछली कई घोषणाएं कागजों तक सीमित रह गई थीं। इसके जवाब में सरकार का दावा है कि इस बार प्रक्रिया को तेज करने के लिए नया पुलिस भर्ती बोर्ड गठित किया जा रहा है, जिससे समय पर नियुक्तियां संभव होंगी।
सुरक्षा और विकास का संतुलन
सरकार का तर्क है कि मजबूत पुलिस बल न केवल अपराध नियंत्रण में मदद करेगा बल्कि निवेश और विकास के माहौल को भी सुरक्षित बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मजबूत कानून व्यवस्था ही प्रदेश के विकास का आधार है। नई भर्तियों से पुलिस बल अधिक चुस्त-दुरुस्त होगा और अपराधियों पर लगाम कसना आसान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह घोषणा मध्यप्रदेश के भविष्य की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार, दोनों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। जहां एक ओर 22,500 नई भर्तियां युवाओं को रोजगार के सुनहरे अवसर देंगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मजबूती मिलेगी। सरकार के अनुसार, यह कदम सुरक्षा और विकास दोनों को गति देगा और आमजन के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच उपलब्ध कराएगा। …(प्रकाश कुमार पांडेय)





