विदेश दौरे से 78 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव लेकर लौटे सीएम डॉ.मोहन यादव

Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav returns from his foreign tour

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव अपने विदेशी दौरे से लौट आये हैं। वे फरवरी में राजधानी भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में इन्वेस्टर्स को न्योता देने के लिए इंग्लैंड और जर्मनी के टूर पर गए थे। मुख्यमंत्री का मध्य प्रदेश लौटने पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया और प्रदेश के लिए उनके द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। दौरे की सफलता से सीएम डॉ.मोहन यादव भी खुश दिखाई दिए।

– विदेश दौरे से मप्र लौटे सीएम डॉ.मोहन यादव
– 78 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले
– एक—एक मिनट का उपयोग एमपी की बेहतरी के लिए किया
– संभाग ही नहीं एक एक जिले की प्रगति का लिया संकल्प

स्टेट हैंगर पर सीएम का स्वागत
मुख्यमंत्री ने कहा इस दौरे में ही मध्य प्रदेश के लिए 78 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मप्र सरकार को मिले हैं ये बड़ी उपलब्धि है। एक एक मिनट का उपयोग प्रदेश की बेहतरी के लिए किया डॉ.मोहन यादव ने कहा केवल संभाग ही नहीं एक एक जिले की प्रगति का हमने संकल्प लिया है। हमारी सरकार इसी हिसाब से काम कर रही है। जब सब तरक्की करेंगे तभी मध्यप्रदेश भी तरक्की करेगा। सीएम ने बताया कि किस तरह इस विदेश दौरे में उन्होंने एक एक मिनट का उपयोग प्रदेश की बेहतरी के लिए किया है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की प्रगति के लिए जो प्लान हमने बनाया था हमको उसका रिस्पोंस भी वहां से वैसा ही मिला है। उन्हें प्रसन्नता हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में योग्यता, क्षमता, प्राकृतिक संसाधन किसी की कोई कमी नहीं है। इस भरोसे पर दुनिया में रोजगार के जहाँ भी अवसर मिलेंगे वहां मध्य प्रदेश सबसे पहले खड़ा दिखाई देगा।

आर्थिक रूप से संपन्न बनकर ही एमपी का भला कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न बनकर ही हम मध्य प्रदेश का भला कर सकते हैं, हम अपने युवाओं की इच्छाओं को पंख देकर उन्हें उड़ान भरने का अवसर दे सकते हैं, उन्होंने कहा हमने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में माध्यम से संभाग स्तर पर रोजगार के अवसर जुटाए हैं।

यूके और जर्मनी का दौरा सार्थक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनका यह दौरा बहुत सफल रहा। सार्थक रहा। इंग्लैड में मप्र को 60 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। जर्मनी से 18 हजार करोड़ के प्रस्ताव मप्र सरकार को मिले ये एक बड़ी सफलता है। उन्हें उम्मीद है कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भी इसी तरह सफल रहेगी।

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