बारिश त्योहार और सुरक्षा को लेकर CM डॉ.मोहन यादव ने दिए ये सख्त निर्देश….
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से संवाद किया। बैठक में आगामी दो माह में आने वाले प्रमुख त्योहारों, वर्षाकाल, कानून व्यवस्था और किसानों की आवश्यकताओं को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
वर्षा और आपदा प्रबंधन
राज्य के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने बताया है कि 26 जून तक प्रदेश में सामान्य से 37 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। जिसमें अलीराजपुर के साथ ही नीमच जिलों में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। सीएम डॉ.मोहन यादव ने निर्देश दिए कि रपटे, पुल और जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा हेतु बैरिकेड्स लगाए जाएं। नालों और नालियों की सफाई, जलनिकासी की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जाए।
बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों को समय पर सूचना देने के लिए मुनादी, वाट्सएप और दूरभाष जैसे माध्यमों का उपयोग अनिवार्य किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि होमगार्ड और राहत दलों को सक्रिय रखा जाए तथा जरूरत के हिसाब से नावों की उपलब्धता जिलों में सुनिश्चित हो।
सर्पदंश से सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इसकी रोकथाम के लिए पंचायत और थाने स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण व संसाधनों की व्यवस्था हो। कालबेलिया समुदाय के युवाओं को सर्पदंश उपचार में प्रशिक्षित कर उनकी सेवाएं लेने की पहल को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा और किसानों की सुविधा
डॉ. यादव ने नए शिक्षण सत्र की शुरुआत को देखते हुए सभी विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसानों के लिए खाद, बीज और उर्वरकों की समुचित आपूर्ति और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
कानून व्यवस्था और नक्सल नियंत्रण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहनी चाहिए। किसी भी सामान्य घटना को बड़ा मुद्दा बनाकर माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण में सफलता के लिए उन्होंने सुरक्षा बलों और जवानों की सराहना की।
त्योहार और श्रावण मास की तैयारियाँ
बैठक के दौरान आगामी त्योहारों और श्रावण मास में ओंकारेश्वर, उज्जैन, मंदसौर जैसे धार्मिक स्थलों पर यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाओं के निर्देश दिए गए। कावड़ यात्राओं, सवारियों और धार्मिक आयोजनों को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए जनजातीय कलाकारों और पुलिस बैंड के माध्यम से सांस्कृतिक प्रस्तुति की योजना पर भी जोर दिया गया। …(प्रकाश कुमार पांडेय)





