मध्यप्रदेश आपका दूसरा घर है”: दुबई में CM मोहन यादव का भावुक निवेश आह्वान, कहा – निवेश करें, रिटर्न गिफ्ट हम देंगे!
दुबई में सीएम डॉ.मोहन यादव का आत्मीय संवाद…निवेशकों को दिया खुला आमंत्रण
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी इंटरनेशनल’ समूह के साथ आत्मीय संवाद करते हुए निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “मध्यप्रदेश अब देश का सबसे प्रगतिशील राज्य बन गया है। हमारे यहां निवेशकों के लिए सभी दरवाजे खुले हैं। आप न सिर्फ आर्थिक रूप से लाभ पाएंगे, बल्कि हम आपको रिटर्न गिफ्ट देने में भी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।” सीएम यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने 18 पारदर्शी और उद्योग केंद्रित औद्योगिक नीतियाँ लागू की हैं, जो निवेशकों को हर प्रकार की सुविधा देती हैं। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य में किसी भी प्रकार की नौकरशाही या बाधा नहीं आने दी जाएगी।
उद्योगों के लिए विशेष पैकेज…1 रुपये में ज़मीन और प्रति कर्मचारी ₹5000 की मदद
CM ने दुबई में उपस्थित निवेशकों को बताया कि यदि कोई उद्योगपति मध्यप्रदेश में ऐसा उद्योग स्थापित करता है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है, तो सरकार अगले 10 वर्षों तक प्रति श्रमिक ₹5000 की सहायता राशि देगी। इसके साथ ही, यदि कोई मेडिकल कॉलेज या स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश करता है, तो सरकार ऐसे संस्थानों को मात्र 1 रुपये में भूमि उपलब्ध कराएगी। इस विशेष प्रावधान का उद्देश्य राज्य के युवाओं को रोजगार और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं से जोड़ना है।
MP बना निवेश का केंद्र… अब तक 30 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव
CM डॉ.मोहन यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में अब तक लगभग 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह निवेश विभिन्न क्षेत्रों जैसे औद्योगिक उत्पादन, शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन और कृषि आधारित उद्योगों में प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल में फरवरी 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का बहुत ही सकारात्मक असर हुआ है और दुनिया भर के निवेशक अब मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों और निवेशकों को ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव’ के साथ ही ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस’ जैसी सुविधाएं दे रही है। जिससे राज्य में उद्योगों की स्थापना प्रक्रिया बेहद आसान और तेज़ हो गई है।
भारत और प्रवासियों के बीच सेतु बना मध्यप्रदेश: भावनात्मक जुड़ाव पर जोर
सीएम मोहन यादव ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा, “मध्यप्रदेश न केवल भारत का हृदय है, बल्कि यह यूएई में बसे सभी प्रवासियों का भी दिल है। आप जहां कहीं भी रहें, मध्यप्रदेश आपका दूसरा घर है।” उन्होंने दुबई में बसे मंदसौर के उद्योगपति नरेश भावनानी का उदाहरण दिया, जिन्होंने टेक्सटाइल सेक्टर में बड़ा कारोबार स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सभी का सम्मान है, और मध्यप्रदेश इस भावना का वास्तविक प्रतिनिधि है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कोविड काल के दौरान भारत ने दुनियाभर को दवाइयां देकर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को चरितार्थ किया, और इस समय देश एक नई आर्थिक ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला सहित मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर राज्य की औद्योगिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संभावनाओं को प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य में 5 लाख किमी का मजबूत रोड नेटवर्क, उत्कृष्ट रेल और एयर कनेक्टिविटी है। राज्य प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता और युवाशक्ति से समृद्ध है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से आग्रह किया कि वे राज्य की औद्योगिक यात्रा में सहभागी बनें।
“हम सिर्फ निवेश नहीं, भरोसा चाहते हैं”
दुबई में आयोजित इस कार्यक्रम में यूएई में रहने वाले 44 लाख से अधिक प्रवासी भारतीयों का प्रतिनिधित्व हुआ। सीएम मोहन यादव का उद्बोधन न केवल भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक रहा, बल्कि यह निवेशकों को यह भरोसा दिलाने वाला भी था कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए सबसे बेहतर गंतव्य बन चुका है। उनकी यह पंक्ति – “मध्यप्रदेश आपको बुला रहा है, बेहिचक आइए, रिटर्न गिफ्ट जरूर मिलेगा” – इस संदेश का सार है। एक ओर जहां सरकार आर्थिक प्रगति पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर वह मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं को भी समान रूप से प्राथमिकता दे रही है। इस आत्मीय आह्वान के साथ, मध्यप्रदेश ने वैश्विक निवेश जगत को यह संदेश दिया है कि “भारत का हृदय अब उद्योगों की धड़कन बन रहा है।…( प्रकाश कुमार पांडेय)





