मध्य प्रदेश बजट 2026–27 की तैयारी…मोहन सरकार को मिले 1 लाख से अधिक सुझाव, एग्रीकल्चर और MSME पर फोकस

Madhya Pradesh Budget 2026 2027 is being prepared

मध्य प्रदेश बजट 2026–27 की तैयारी…मोहन सरकार को मिले 1 लाख से अधिक सुझाव, एग्रीकल्चर और MSME पर फोकस

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने वर्ष 2026–27 के बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आमजन और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से मिले 1 लाख से अधिक लिखित सुझावों के आधार पर बजट को आकार दिया जा रहा है। इस क्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भोपाल में विशेषज्ञों के साथ संवाद किया।

मुख्य सुझाव और बिंदु

एग्रीकल्चर आधारित MSME को बढ़ावा देने पर ज़ोर
औद्योगिक शेड, कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर, टेस्टिंग लैब और कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करने का सुझाव
LNG पर 14% वैट (देश में सबसे अधिक) और पंजीयन शुल्क कम करने की मांग
कृषि क्षेत्र में लॉन्ग टर्म लोन को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता
FPO (किसान उत्पादक संगठन) की कैपेसिटी बिल्डिंग और हाईटेक कस्टम हायरिंग सेंटर
खेती में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा
सिंगल सोर्स ऑफ डेटा और डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाने पर ज़ोर
10 से 50 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सब्सिडी 4 वर्षों में देने का प्रस्ताव
प्रशासनिक सुधार, पर्यटन और सहकारी समितियों को मज़बूत करने की सलाह

कृषि ऋण पर आंकड़े

सितंबर 2025 तक 1,18,493 क्रॉप लोन दिए गए
कुल कृषि ऋण में 63.77% हिस्सा क्रॉप लोन का
एग्री डेवलपमेंट के लिए लॉन्ग टर्म लोन बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई

सरकार का उद्देश्य बजट 2026–27 को समावेशी, विकासोन्मुख और रोजगार सृजन वाला बनाना है। जिसमें कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाए। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की मौजूदगी में भोपाल में विशेषज्ञों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बैठक में आर्थिक, बैंकिंग, औद्योगिक, कृषि और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया और सरकार को अहम सुझाव दिए।

एग्रीकल्चर आधारित MSME पर जोर

विशेषज्ञों ने कृषि आधारित एमएसएमई को मजबूत करने की जरूरत बताई। सीआईआई मध्य प्रदेश के वाइस चेयरमैन सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य में एग्रीकल्चर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल शेड, टेस्टिंग लैब और कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाना चाहिए। इससे पारंपरिक व्यवसायों को भी मजबूती मिलेगी।

LNG पर वैट और पंजीयन शुल्क घटाने की मांग

विशेषज्ञों ने कहा कि मध्य प्रदेश में एलएनजी पर 14 प्रतिशत वैट देश में सबसे अधिक है, जिसे कम किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पंजीयन शुल्क में भी कटौती की जरूरत बताई गई।

लॉन्ग टर्म एग्रीकल्चर लोन बढ़ाने पर जोर

आरबीआई की उप महाप्रबंधक अलका गर्ग ने कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र में लॉन्ग टर्म लोन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि फिलहाल अधिकांश कृषि ऋण क्रॉप लोन तक सीमित हैं। सितंबर 2025 तक कुल 1,18,493 क्रॉप लोन दिए गए, जो लगभग 63.77 प्रतिशत हैं। एग्री डेवलपमेंट के लिए दीर्घकालीन ऋण बढ़ाने से स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा।

डेटा सिस्टम, FPO और टेक्नोलॉजी पर फोकस

विशेषज्ञों ने सरकार को एफपीओ की क्षमता बढ़ाने, हाईटेक कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने और खेती में रिसर्च व इनोवेशन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। साथ ही एक सिंगल सोर्स ऑफ डेटा तैयार करने और विभागों को तकनीक के माध्यम से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि सिंगल विंडो सिस्टम प्रभावी ढंग से लागू हो सके।

सब्सिडी और विकास योजनाओं के सुझाव

10 से 50 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मिलने वाली सब्सिडी को चार वर्षों में देने का सुझाव भी दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उद्योग, सेवा क्षेत्र, पर्यटन और सहकारी समितियों को मजबूती मिलेगी। सरकार का लक्ष्य बजट 2026–27 को कृषि, उद्योग और समग्र विकास पर केंद्रित बनाना है, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। (प्रकाश कुमार पांडेय)

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