Lucknow Weather news update : अप्रैल में पड़ रही जून वाली गर्मी…लखनऊ में पारा पहुंचा 40 पार…
अप्रैल में ‘जून जैसी तपिश’: लखनऊ में पारा 40 पार, लू का खतरा बढ़ा
लखनऊ से रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अप्रैल महीने में ही भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आमतौर पर मई-जून में पड़ने वाली झुलसाने वाली गर्मी इस बार समय से पहले ही दस्तक दे चुकी है। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता नजर आया। सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, गर्मी का असर और अधिक बढ़ता गया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा गया, वहीं जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी धूप से बचने के लिए छांव की तलाश करते दिखाई दिए।
- तेज धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी
- मौसम विभाग ने जारी किया हीट अलर्ट
- दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा
- बाजारों और कामकाज पर पड़ा असर
- प्रशासन और डॉक्टरों की एडवाइजरी जारी
सुबह से ही तपिश, दोपहर में हालात और खराब
लखनऊ में सुबह 9 बजे के बाद ही सूरज की किरणें चुभने लगी थीं। तापमान तेजी से बढ़ता गया और दोपहर तक हालात ऐसे हो गए कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया। तेज धूप के साथ उमस ने परेशानी को और बढ़ा दिया। गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पशु-पक्षी भी इससे बेहाल नजर आए। पार्क और खुले स्थानों पर भी लोगों की आवाजाही कम हो गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को भी इस गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का अलर्ट: लू चलने की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही लू चलने की भी संभावना जताई गई है। गर्म और शुष्क हवाएं लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती हैं। विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी हवाओं और साफ आसमान के कारण तापमान में लगातार ववृद्धि होने से गर्मी का असर और भी अधिक तेज महसूस हो रहा है।
स्वास्थ्य पर असर: डॉक्टरों की चेतावनी
तेज गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर ढककर निकलें और पानी का सेवन अधिक मात्रा में करें। इसके अलावा नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की भी सलाह दी गई है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
बाजारों में घटे ग्राहक, ठंडे पेय की बढ़ी मांग
भीषण गर्मी का असर शहर के बाजारों में भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि गर्मी के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, ठंडे पेय पदार्थों, आइसक्रीम और जूस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडी चीजों का सहारा ले रहे हैं। रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों के लिए यह मौसम और भी मुश्किल साबित हो रहा है। तेज धूप में काम करना उनके लिए चुनौती बन गया है, जिससे उनकी आय पर भी असर पड़ रहा है।
प्रशासन अलर्ट मोड में, राहत की तैयारी
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इसके अलावा, भीड़भाड़ वाले इलाकों में छांव के लिए टेंट लगाने और पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि हीट स्ट्रोक के मामलों से तुरंत निपटा जा सके।
आगे और बढ़ेगी गर्मी, राहत के आसार कम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करें। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते मौसम का यह असामान्य व्यवहार अब आम होता जा रहा है।
लखनऊ में अप्रैल के महीने में ही जून जैसी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। बढ़ते तापमान और लू के खतरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। ऐसे में प्रशासन की तैयारियों के साथ-साथ लोगों की जागरूकता भी बेहद जरूरी है, ताकि इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रहा जा सके।





