भारत में एलपीजी उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते सप्लाई को लेकर सरकार सतर्क बनी हुई है। केंद्र ने साफ किया है कि फिलहाल ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, हालांकि एलपीजी के आयात पर कुछ जोखिम बने हुए हैं।
घरेलू LPG उत्पादन में 40% बढ़ोतरी के बावजूद आयात पर निर्भरता बनी हुई है
सरकार के अनुसार देश में एलपीजी उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे घरेलू उपलब्धता मजबूत हुई है। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में एलपीजी आयात करना पड़ता है और इसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है। यही कारण है कि मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच इस रूट पर किसी भी बाधा की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल और अन्य ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य, कहीं कमी की स्थिति नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि देश में कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ का पर्याप्त भंडार मौजूद है। देशभर के पेट्रोल पंपों पर किसी तरह की कमी या सप्लाई रुकने की खबर नहीं है। इससे साफ है कि फिलहाल आम लोगों को ईंधन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने PNG अपनाने पर दिया जोर और राज्यों को दिया प्रोत्साहन
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को तेजी से बढ़ावा देने की अपील की है। इसके तहत शर्त रखी गई है कि जो राज्य PNG नेटवर्क को बढ़ाएंगे, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल LPG आवंटन दिया जाएगा। साथ ही गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया है।
बंदरगाह और शिपिंग संचालन पूरी तरह सामान्य, वैश्विक तनाव के बावजूद नहीं दिखा असर
पोर्ट और शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक देश के किसी भी बंदरगाह पर भीड़ या अव्यवस्था की स्थिति नहीं है। मुंद्रा पोर्ट पर कंटेनर उपयोग क्षमता लगभग 25 प्रतिशत पर बनी हुई है, जबकि विशाखापट्टनम पोर्ट पर अतिरिक्त स्टोरेज स्पेस तैयार किया गया है। इससे संभावित दबाव को संभालने की तैयारी पूरी है।
भारतीय जहाज और क्रू पूरी तरह सुरक्षित, सरकार रख रही है हर गतिविधि पर नजर
सरकार ने जानकारी दी कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद 22 भारतीय जहाज सुरक्षित हैं, जिन पर 611 भारतीय क्रू मेंबर तैनात हैं। ये जहाज लाखों टन एलपीजी, एलएनजी और कच्चा तेल लेकर चल रहे हैं। भारत लगातार ईरान समेत अन्य देशों से संपर्क में है ताकि होर्मुज मार्ग पर जहाजों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे। साथ ही 24 घंटे कंट्रोल रूम के जरिए स्थिति की निगरानी की जा रही है।