Big braking news: रूस के कामचटका में 8.8 तीव्रता का भूकंप, कुरील द्वीपों पर सुनामी का कहर, जापान के फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को कराया खाली  

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रूस के कामचटका में 8.8 तीव्रता का भूकंप, कुरील द्वीपों पर सुनामी का कहर, जापान के फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को कराया खाली
रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका प्रायद्वीप में मंगलवार सुबह 8.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप दर्ज किया गया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह समुद्र तल से महज 19.3 किलोमीटर की गहराई में आया, जिससे सतह पर तेज झटकों के साथ भारी सुनामी का खतरा उत्पन्न हो गया। कुरील द्वीपों और प्रशांत महासागर से लगे तटीय क्षेत्रों में तीन फीट तक ऊंची लहरें उठीं, जिनसे कई जगहों पर तबाही की आशंका जताई जा रही है।
जापान में अलर्ट: फुकुशिमा प्लांट खाली, तोहोकु और होक्काइदो में खतरा
जापान सरकार ने तत्परता दिखाते हुए फुकुशिमा न्यूक्लियर पावर प्लांट को पूरी तरह खाली करा लिया है। गौरतलब है कि 2011 में आए 9.0 तीव्रता के भूकंप और सुनामी के कारण फुकुशिमा प्लांट में भीषण रेडियोधर्मी रिसाव हुआ था। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने होक्काइदो, तोहोकु, कान्टोस इजू और ओगासावरा द्वीपों में सुनामी चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में एक मीटर तक ऊंची लहरें पहुंचने की संभावना जताई गई है।
यूएस और जापान की चेतावनी: 3 घंटे में खतरनाक लहरें पहुंच सकती हैं
यूएस नेशनल सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने रूस, जापान, कैलिफोर्निया (अमेरिका), फिलीपींस, पलाऊ, समोआ, मार्शल आइलैंड्स सहित प्रशांत महासागर से जुड़े 30 से अधिक क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। चेतावनी में कहा गया है कि अगले तीन घंटों में खतरनाक लहरें पहुंच सकती हैं।
सेवेरो-कुरील्स्क से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
रूसी सखालिन क्षेत्र के सेवेरो-कुरील्स्क शहर में सबसे पहले तेज झटके महसूस किए गए। इस छोटे से द्वीप शहर में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। क्षेत्रीय गवर्नर ने पुष्टि की है कि एक किंडरगार्टन को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा की अगुवाई में आपात बैठक
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने आपात बैठक बुलाकर राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की है। सैन्य बलों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को तत्काल सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही रेलवे और उड़ानों को एहतियातन बंद कर दिया गया है।
भूकंप का केंद्र: कामचटका प्रायद्वीप
कामचटका प्रायद्वीप रूस का एक अत्यंत सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र है, जो प्रशांत महासागर और बेरिंग सागर के बीच स्थित है। यह क्षेत्र ‘रिंग ऑफ फायर’ नामक भूकंपीय पट्टी का हिस्सा है, जो दुनिया में अधिकांश भूकंपों और ज्वालामुखियों का घर है। 1952 में भी यहां रिक्टर स्केल पर 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसे अब तक का सबसे शक्तिशाली रूसी भूकंप माना जाता है।

दूसरे प्रभावित क्षेत्र

सुनामी का खतरा फिलीपींस के साथ ही ताइवान,न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, , इंडोनेशिया, कोस्टा रिका, फिजी, वानुअतु, पापुआ न्यू गिनी, , समोआ, जैसे दर्जनों द्वीपों और तटीय देशों तक बना हुआ है। हालांकि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में फिलहाल खतरा कम बताया जा रहा है, लेकिन यहां लोगों को तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
भूकंप और सुनामी: वैज्ञानिक कारण
भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव से उत्पन्न होते हैं। कामचटका क्षेत्र में पैसिफिक प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराव से यह जबरदस्त ऊर्जा मुक्त हुई, जिससे यह शक्तिशाली भूकंप आया। समुद्र के भीतर इतनी ऊर्जा का स्खलन जलस्तर में अचानक बदलाव लाता है, जिससे सुनामी लहरें उत्पन्न होती हैं।
सरकारी प्रयास और वैश्विक सतर्कता
रूस, जापान और अमेरिका की आपातकालीन टीमें सतर्क हैं। ग्लोबल सुनामी वॉच नेटवर्क लगातार समुद्र की लहरों पर नजर बनाए हुए है। यूएन डिजास्टर रेस्पॉन्स ग्रुप भी स्थिति पर नजर रखे हुए है।
भारत के नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने कहा कि फिलहाल भारत पर कोई सीधा खतरा नहीं है, लेकिन अंडमान-निकोबार में सतर्कता बरती जा रही है।
खतरा अभी टला नहीं है
रूस के कामचटका में आया यह भूकंप न सिर्फ वहां के लिए, बल्कि पूरा प्रशांत क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी है। 2011 की तरह एक बार फिर फुकुशिमा प्लांट पर खतरा मंडरा रहा है, और सुनामी की लहरें हजारों किलोमीटर दूर तक तबाही मचा सकती हैं। अभी राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है।प्रकाश कुमार पाण्डेय
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Earthquake of 8.8 magnitude hits Kamchatka Russiatsunami wreaks havoc on Kuril Islands Japan’s Fukushima
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