वेडिंग सीजन में हल्की ज्वेलरी का क्रेज बढ़ा, 14 कैरेट गोल्ड बना पहली पसंद
शादी के मौसम में हल्की ज्वेलरी की तेजी से बढ़ती मांग
देशभर में शादी का सीजन पूरे जोरों पर है और इसी बीच हल्की ज्वेलरी की डिमांड अचानक बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर लगातार शादी की तस्वीरें दिखने के साथ ही ज्वेलरी ट्रेंड भी तेजी से बदल रहा है। महिलाएं अब भारी और भड़कीले डिज़ाइनों की बजाय ऐसे गहने चुन रही हैं जो दिखने में स्टाइलिश हों और बजट में भी फिट बैठें। इसी वजह से 14 कैरेट गोल्ड की ज्वेलरी इस समय बाजार में सबसे ज्यादा बिक रही है।
सोने की रिकॉर्ड महंगाई के बाद लाइटवेट गोल्ड की तरफ झुके खरीदार
इस साल जनवरी से सोने की कीमतों में 60% से ज्यादा उछाल आने के बाद जॉय अलुक्कास, PNG, कल्याण और सेंको गोल्ड जैसे बड़े ब्रांड्स बता रहे हैं कि लोग भारी गहनों से दूरी बना रहे हैं। हल्की ज्वेलरी इसलिए बिक रही है क्योंकि इसका मेकिंग चार्ज कम होता है और कैरेट कम होने से कीमत भी काफी कम पड़ती है। परिवार अब ऐसे गहने खरीदना पसंद कर रहे हैं जो दिखने में अच्छे हों और जेब पर भी ज्यादा भार न डालें।
हीरे वाली ज्वेलरी की बिक्री धीमी – कीमत नहीं, रिसेल वैल्यू कारण
दिलचस्प बात यह है कि हीरे वाले गहनों की बिक्री इस सीजन उतनी तेज नहीं है। हीरों की कीमतें भले ही स्थिर हैं, लेकिन लोग अब रिसेल वैल्यू को ज्यादा महत्व दे रहे हैं—क्योंकि हीरे बेचने पर सिर्फ 80–90% तक ही पैसा वापस मिलता है। इसलिए युवा कपल्स और उनके परिवार ऐसे विकल्प चुन रहे हैं जिनमें भविष्य में निवेश की गुंजाइश भी रहे।
यंग जनरेशन का झुकाव मिनिमल और एवरीडे डिज़ाइन की तरफ
नई पीढ़ी भारी-भरकम, महंगे और पारंपरिक डिज़ाइनों की बजाय ऐसे गहने पसंद कर रही है जिन्हें शादी के बाद भी रोज़ाना पहना जा सके। 14 कैरेट की मीनिमल ज्वेलरी इस कारण बेहद लोकप्रिय हो रही है। यह लुक में मॉडर्न, कीमत में किफायती और रिसेल में भी बेहतर विकल्प बन रही है।
नोट- हमारे द्वारा दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं. सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें.