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महिला आरक्षण का नया अध्याय: 15 साल का कोटा, लोकसभा 850 सीटों तक—सरकार लाएगी बड़ा बदलाव

DigitalDesk by DigitalDesk
April 15, 2026
in दिल्ली, मुख्य समाचार, राजनीति
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Nari Shakti Vandan Act
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महिला आरक्षण का नया अध्याय: 15 साल का कोटा, लोकसभा 850 सीटों तक—सरकार लाएगी बड़ा बदलाव

विशेष सत्र में होगा बड़ा फैसला

देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठने जा रहा है। 16 से 18 अप्रैल तक बुलाए गए संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधित विधेयक को पेश किया जाएगा। इस बिल के जरिए संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से इसे सर्वसम्मति से पास कराने की अपील की है।

पहले पास हुआ कानून, अब लागू करने की तैयारी

महिलाओं को आरक्षण देने वाला कानून ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन इसे लागू करने में देरी हो रही थी। अब सरकार संशोधन के जरिए इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने की योजना बना रही है। इस कदम को महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।

लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव

नए विधेयक का सबसे अहम पहलू लोकसभा की सीटों में बढ़ोतरी है। प्रस्ताव के अनुसार, कुल सीटें बढ़ाकर 850 की जाएंगी। इनमें से 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित होंगी। अभी लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, ऐसे में यह बदलाव देश के राजनीतिक ढांचे में बड़ा परिवर्तन साबित होगा।

15 साल तक मिलेगा महिलाओं को आरक्षण

इस प्रस्तावित कानून के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण 15 वर्षों तक दिया जाएगा। यानी 2029, 2034 और 2039 के लोकसभा चुनावों में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदलती रहेंगी, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों की महिलाओं को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा।

SC-ST महिलाओं के लिए भी विशेष प्रावधान

इस बिल में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं के लिए भी अलग से आरक्षण का प्रावधान शामिल किया गया है। इससे समाज के वंचित वर्ग की महिलाओं को भी राजनीति में आगे आने का मौका मिलेगा। सीटों का निर्धारण रोटेशन के आधार पर किया जाएगा, जिससे संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

परिसीमन आयोग बनेगा, बदलेगा चुनावी नक्शा

महिला आरक्षण के साथ-साथ सरकार परिसीमन आयोग के गठन का प्रस्ताव भी ला रही है। अभी देश में लोकसभा सीटों का निर्धारण 1971 की जनगणना के आधार पर है। नए बिल के जरिए इस पर लगी रोक हटाई जाएगी और ताजा जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्गठन किया जाएगा। इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। आयोग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों की संख्या और सीमाओं का पुनर्निर्धारण करेगा।

बिल पास होने के बाद आगे क्या?

यदि यह विधेयक संसद से पारित हो जाता है, तो सबसे पहले परिसीमन आयोग का गठन किया जाएगा। आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा और आम जनता से भी सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद सरकार अंतिम मंजूरी देकर गजट नोटिफिकेशन जारी करेगी। सरकार की योजना है कि यह पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली जाए, ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिला आरक्षण लागू किया जा सके।

राजनीतिक और सामाजिक असर

यह बिल केवल एक कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की संरचना में बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है। इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, नीतियों में विविधता आएगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले वर्षों में देश की राजनीति को नई दिशा दे सकता है और महिला नेतृत्व को मजबूत आधार प्रदान करेगा।(प्रकाश कुमार पांडेय)

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Tags: #law providing reservation women#Women Reservation #Lok Sabha 850 seats #Special SessionNari Shakti Vandan Act
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