धरती के स्वर्ग कश्मीर में सर्दी: ठंड से जमने लगी श्रीनगर की डल झील…

Lake in Kashmir the heaven on earth Dal Lake started freezing due to cold

धरती के स्वर्ग कश्मीर में सर्दी: ठंड से जमने लगी श्रीनगर की डल झील…

कश्मीर घाटी में सर्दी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और ठंड ने अब अपने चरम की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। शनिवार को श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील पर बर्फ की पतली परत जम गई, जो इस बात का संकेत है कि घाटी में ठंड और तेज हो चुकी है। हर साल सर्दियों में डल झील का जमना कश्मीर की कड़ाके की ठंड का प्रतीक माना जाता है और इस बार भी ठंड के बढ़ते प्रभाव ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को इसका एहसास करा दिया है।

डल झील पर जमी बर्फ की परत ने न सिर्फ मौसम की सख्ती को दर्शाया, बल्कि घाटी में शीत लहर की गंभीरता को भी उजागर किया है। सुबह के समय झील का पानी पूरी तरह शांत नजर आया, जिस पर बर्फ की हल्की परत साफ दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर तापमान और गिरता है, तो झील के बड़े हिस्से पर बर्फ जम सकती है। इससे शिकारे वालों और झील से जुड़े कारोबार पर भी असर पड़ने की संभावना है।

कश्मीर के अलावा देश के कई हिस्सों में भी सर्दी और कोहरे का असर देखने को मिला। आगरा, मुरादाबाद, पटना, मुंबई और नई दिल्ली समेत कई शहरों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई और यातायात प्रभावित हुआ। खासतौर पर उत्तर भारत में ठंड और कोहरे ने लोगों की दिनचर्या को मुश्किल बना दिया है। राजस्थान के जैसलमेर में भी ठंड ने लोगों को परेशान कर रखा है। वहां स्थानीय लोग अलाव जलाकर खुद को ठंड से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते जैसलमेर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा और धुंध छाई हुई है। इसका असर पर्यटन स्थलों पर भी देखने को मिल रहा है, जहां सुबह और देर शाम को दृश्यता काफी कम हो जाती है। हालांकि, देश-विदेश से आए पर्यटक इस ठंडे मौसम का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। जैसलमेर में इस मौसम में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस सर्दी के दौरान अब तक के सबसे कम तापमान में से एक माना जा रहा है। घने कोहरे की वजह से राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की रफ्तार भी काफी धीमी हो गई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले दो दिनों में पूर्वी राजस्थान, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इसके अलावा 10 से 14 जनवरी के बीच हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और राजस्थान के कुछ हिस्सों में शीत लहर चलने की चेतावनी जारी की गई है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी शनिवार सुबह ठंड और कोहरे का असर साफ नजर आया। राजधानी के कई इलाकों में हल्का कोहरा छाया रहा और शीत लहर की स्थिति बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड के साथ-साथ दिल्ली में वायु प्रदूषण भी गंभीर स्तर पर पहुंच गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार सुबह 7 बजे तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 361 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। राजधानी के कई इलाकों में AQI 300 से ऊपर रहा, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दिल्ली के नेहरू नगर में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया, जहां AQI 426 तक पहुंच गया। इसके बाद द्वारका सेक्टर-8 में AQI 402 और आरके पुरम में 390 दर्ज किया गया। पटपड़गंज में AQI 400, चांदनी चौक में 398, आईटीओ इलाके में 361 और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 326 AQI दर्ज किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

इससे पहले शुक्रवार को भी राजधानी में कड़ाके की ठंड देखने को मिली थी। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। इसके साथ ही शहर के कुछ हिस्सों में बारिश भी हुई, जिससे ठंड और बढ़ गई। कई इलाकों में घना स्मॉग छाया रहा और हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रही।

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली का औसत AQI 280 दर्ज किया गया था, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार में AQI 385 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में था। चांदनी चौक में 335, जहांगीरपुरी में 340, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 354, आईटीओ और फिरोजशाह रोड में 307, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 360, द्वारका सेक्टर-8 में 346, अशोक विहार में 328 और नेहरू नगर में 392 AQI दर्ज किया गया। हालांकि, राजधानी के कुछ इलाकों में हवा की गुणवत्ता तुलनात्मक रूप से बेहतर रही। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर AQI 252 दर्ज किया गया, जो अब भी ‘खराब’ श्रेणी में ही आता है, लेकिन अन्य इलाकों के मुकाबले थोड़ी राहत देता है। कुल मिलाकर, देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में सर्दी, कोहरा और प्रदूषण ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कश्मीर में डल झील का जमना जहां कड़ाके की ठंड का संकेत है, वहीं मैदानी इलाकों में कोहरा और खराब हवा लोगों के स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल रही है। आने वाले दिनों में मौसम और प्रदूषण की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

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