लाड़ली बहनों को 13 मार्च को मिलेगा तोहफा
ग्वालियर से जारी होगी 34वीं किस्त
मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की लाखों महिलाओं को एक बार फिर आर्थिक सहायता मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मार्च को ग्वालियर दौरे के दौरान योजना की 34वीं किस्त जारी करेंगे। इस अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन ग्वालियर जिले के घाटीगांव में किया जाएगा, जहां से मुख्यमंत्री प्रदेशभर की पात्र महिलाओं के खातों में राशि अंतरित करेंगे।
सरकार के इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित राज्य सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होने की संभावना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे।
महिलाओं के लिए उम्मीदों का दिन
लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहीं प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए 13 मार्च का दिन खास होने वाला है। कई दिनों से महिलाएं अपने मोबाइल फोन पर आने वाले बैंक मैसेज और खाते की जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के ग्वालियर दौरे के साथ ही उनकी प्रतीक्षा समाप्त होने जा रही है।
घाटीगांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में 1500 रुपये की मासिक सहायता की राशि ट्रांसफर करेंगे। यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रदेश के गांव-गांव और शहरों में इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा का नया आधार दिया है।
योजना का बढ़ता दायरा
मध्यप्रदेश में जून 2023 में शुरू की गई लाड़ली बहना योजना ने कम समय में ही बड़ी संख्या में महिलाओं तक पहुंच बनाई है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, योजना के अंतर्गत अब तक 52,304 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है।
सरकार ने वर्ष 2025–26 के बजट में भी इस योजना के लिए 23,883 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार इस योजना को लंबे समय तक जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। शुरुआत में महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाती थी, लेकिन नवंबर 2025 से इसमें 250 रुपये की वृद्धि की गई। इसके बाद पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक मदद मिल रही है।
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम
लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं अपने दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य जरूरतों और छोटे-मोटे घरेलू कार्यों में कर रही हैं। कई जगहों पर महिलाओं ने इस सहायता राशि से छोटे व्यवसाय शुरू करने की भी पहल की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक साबित हो रही है। इससे महिलाओं के बैंक खातों में नियमित रूप से धनराशि पहुंच रही है, जिससे उनका आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
विकास कार्यों की सौगात भी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ग्वालियर दौरे के दौरान केवल लाड़ली बहना योजना की किस्त ही जारी नहीं की जाएगी, बल्कि क्षेत्र को विकास कार्यों की भी कई सौगातें मिलने वाली हैं। मुख्यमंत्री भितरवार विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे।
इन विकास कार्यों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार इन परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
प्रशासनिक तैयारियां तेज
राज्य स्तरीय कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, यातायात और व्यवस्था को लेकर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।
इसके अलावा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला हितग्राहियों की उपस्थिति को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
महिलाओं में उत्साह
प्रदेश के विभिन्न जिलों में लाड़ली बहना योजना की किस्त को लेकर महिलाओं में उत्साह देखा जा रहा है। कई महिलाएं इसे अपने परिवार की आर्थिक मदद का महत्वपूर्ण माध्यम मानती हैं। सरकार का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को समाज में मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 13 मार्च को ग्वालियर से जारी होने वाली 34वीं किस्त के साथ एक बार फिर प्रदेश की लाखों लाड़ली बहनों के खातों में खुशियों की रकम पहुंचेगी और यह दिन महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उत्सव के रूप में याद किया जाएगा।