नई दिल्ली में CM की अहम राजनीतिक मुलाकात
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। यह भेंट राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें राज्य के विकास, संगठनात्मक मजबूती और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। उन्होंने अपने संदेश में बताया कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भेंट कर मध्य प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
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दिल्ली में सीएम–नड्डा भेंट
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विकास पर मिला केंद्रीय मार्गदर्शन
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लाड़ली बहना सम्मेलन की तैयारी
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महिलाओं के खातों में सहायता
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गैस सिलेंडर पर आर्थिक राहत
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महिला सशक्तिकरण सरकार का लक्ष्य
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आत्मनिर्भर महिलाओं की ओर मध्यप्रदेश
विकास को लेकर मिला मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और संगठनात्मक समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई। जेपी नड्डा ने केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल के साथ योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया और सरकार की प्राथमिकताओं को और मजबूत करने का सुझाव दिया।
लाड़ली बहना सम्मेलन की तैयारी
इस राजनीतिक मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को नर्मदापुरम जिले के माखन नगर (बाबई) में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है।
खातों में पहुंचेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री मोहन यादव इस सम्मेलन के दौरान ‘लाड़ली बहना योजना’ की लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता की राशि अंतरित करेंगे। राज्य सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस अवसर पर 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के खातों में कुल 1,836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जाएगी।
गैस सिलेंडर सहायता भी शामिल
लाड़ली बहनों को केवल मासिक सहायता ही नहीं, बल्कि रसोई गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए भी आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर लगभग 29 लाख लाभार्थियों के खातों में 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गैस सिलेंडर सहायता के रूप में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे महिलाओं को घरेलू खर्च में राहत मिलेगी।
विकास परियोजनाओं का शुभारंभ
लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को गति देना और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल सके।
महिला सशक्तिकरण सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को लाड़ली बहना योजना की 32वीं किस्त महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी और इस दौरान वे लाभार्थी महिलाओं से संवाद भी करेंगे, ताकि योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर समझा जा सके।
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत
‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की शुरुआत जून 2023 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने सीधी आर्थिक सहायता दी जाती है।
सहायता राशि में हुआ इजाफा
नवंबर 2025 से इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली मासिक सहायता राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद पात्र महिलाओं को अब हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों और पारिवारिक खर्चों में मदद मिल रही है।
नियमित किस्तों का रिकॉर्ड
जून 2023 से दिसंबर 2025 तक लाभार्थी महिलाओं के खातों में कुल 31 किस्तें नियमित रूप से ट्रांसफर की जा चुकी हैं। जनवरी 2026 में 32वीं किस्त दी जाएगी, जिससे योजना की निरंतरता और सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
अब तक का कुल भुगतान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2023 से दिसंबर 2025 के बीच लाड़ली बहना योजना के तहत कुल 48,632.70 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। यह राशि राज्य के सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
दो वर्षों में बड़ा निवेश
जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच केवल दो वर्षों में ही 38,635.89 करोड़ रुपये से अधिक की राशि इस योजना के तहत महिलाओं को दी गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
आर्थिक सुरक्षा और आत्मसम्मान
‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ ने प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान का एहसास कराया है। योजना के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने घरेलू खर्चों में सहयोग कर पा रही हैं, बल्कि समाज में उनकी भूमिका भी मजबूत हुई है।
भविष्य की योजनाएं और रोजगार
आने वाले समय में राज्य सरकार लाभार्थी महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करेगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता तक सीमित न रखकर उन्हें स्थायी रूप से आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।





