जानें धनखड़ के चौटाला फार्म हाउस में रहने की वजह…अभय चौटाला बोले…हमारे पारिवारिक संबंध
देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इस्तीफे के करीब 40 दिन बाद पहली बार अपने आधिकारिक आवास से बाहर निकले। रिपोर्ट के अनुसार, वे दिल्ली के धौलाकुआं स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में डेंटिस्ट से मिलने पहुंचे थे। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी आवास खाली कर इंडियन नेशनल लोकदल INLD प्रमुख अभय सिंह चौटाला के छतरपुर एनक्लेव स्थित फार्म हाउस में शिफ्ट कर लिया। सोमवार शाम तय समय पर वे अपने नए ठिकाने पर पहुंच गए।
- इस्तीफे के बाद पहली बार बाहर नजर आए धनखड़
- चौटाला के छतरपुर एनक्लेव स्थित फार्म हाउस में किया शिफ्ट
- इंडियन नेशनल लोकदल INLD प्रमुख हैं अभय सिंह चौटाला
- अपने नए ठिकाने पर पहुंचे पूर्व उप राष्ट्रपति धनखड़
धनखड़ के इस्तीफे के बाद से ही उनके स्वास्थ्य पर सवाल उठते रहे हैं। विपक्ष ने अचानक हुए इस फैसले को लेकर कई आशंकाएं जताई थीं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पिछले एक महीने में वे केवल रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से मिलते-जुलते रहे और ज्यादातर समय आवास पर ही बिताया। शिफ्टिंग की सूचना सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही दे दी गई थी।
वहीं अभय चौटाला का कहना है कि जगदीप धनखड़ से उनके पारिवारिक रिश्ते लंबे समय से हैं। धनखड़ ने उनसे कभी घर की मांग नहीं की थी बल्कि स्वयं उन्होंने ही यह पेशकश की। उधर एक अन्य जानकारी के अनुसार पूर्व उप राष्ट्रपति धनखड़ ने हाल ही में राजस्थान के पूर्व विधायक के रुप में पेंशन के लिए आवेदन दिया था। धनखड़ साल 1993 से 1998 तक किशनगढ़ सीट से कांग्रेस विधायक रहे है। धनखड़ को 2019 तक पेंशन मिलती रही, लेकिन पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनने के बाद यह रोक दी गई थी।
विधानसभा सचिवालय के मुताबिक, अब पेंशन की प्रक्रिया फिर शुरू हो गई है। धनखड़ को 42,000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। एक कार्यकाल के लिए आधार पेंशन 35,000 रुपये होती है, लेकिन 70 वर्ष से अधिक आयु पर राजस्थान में 20% अतिरिक्त बढ़ोतरी का प्रावधान है।





