क्लॉस श्वाब ने चीन की वैश्विक शासन पहल की सराहना की, AI के जोखिमों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर दिया जोर

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2026 वैश्विक शासन फोरम (श्योंगआन) के दौरान चाइना मीडिया ग्रुप (CMG) के संवाददाता ने
विश्व आर्थिक मंच के संस्थापक क्लॉस श्वाब का विशेष साक्षात्कार लिया। इस दौरान श्वाब ने
चीन की ओर से प्रस्तावित वैश्विक शासन पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम
बुद्धिमत्ता (AI) के तेजी से विकास के बीच मौजूदा वैश्विक शासन व्यवस्था पर नए सिरे से विचार
करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि यह फोरम विभिन्न पक्षों के प्रयासों को एक साथ
लाने और साझा सहमति को व्यावहारिक सहयोग में बदलने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

क्लॉस श्वाब पहली बार चीन के हपेइ प्रांत स्थित श्योंगआन पहुंचे। शहर के बारे में उन्होंने कहा
कि यहां का आधुनिकीकरण और शहरी विकास उन्हें काफी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि
श्योंगआन की अपनी अलग पहचान है, जहां आधुनिक विकास के साथ पर्यावरण के प्रति
जिम्मेदारी का भी ध्यान रखा गया है। यह शहर न केवल बेहतर और कुशल संचालन पर जोर देता
है, बल्कि अपने नागरिकों को सुविधाजनक और सुखद जीवन देने का भी प्रयास करता है।
फोरम के उद्घाटन समारोह में चीन ने वैश्विक शासन पहल को आगे बढ़ाने के लिए आठ
व्यावहारिक कदमों का प्रस्ताव रखा। श्वाब के मुताबिक, यह चीन की ओर से एक बड़े देश की
जिम्मेदारी निभाने का ठोस उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इन कदमों से वैश्विक शासन पहल को
केवल विचारों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक कार्रवाई में बदलने की दिशा में प्रगति
हो रही है।

उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है,
लेकिन अब तक इस दिशा में बहुत कम प्रगति हुई है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि भविष्य में
वैश्विक शासन व्यवस्था कैसी होनी चाहिए। श्वाब ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की
ओर से प्रस्तावित वैश्विक शासन पहल ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार तैयार किया है,
लेकिन अब ठोस योजनाएं बनाने और उन्हें लागू करने की जरूरत है। उन्होंने चीन के आठ
प्रस्तावित कदमों को वैश्विक शासन को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। साथ
ही, चीन में वैश्विक शासन अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को भी एक अच्छी पहल
करार दिया।

श्वाब ने चीन के उस दृष्टिकोण का भी समर्थन किया, जो परामर्श, संयुक्त निर्माण और साझा
लाभ पर आधारित है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज ज्ञान, अर्थव्यवस्था और मानव
समाज को तेजी से बदल रही है। इस बदलाव को सही दिशा देने के लिए मानवता के पास समय
सीमित है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को AI से जुड़े वास्तविक जोखिमों, खासकर इसके
अनियंत्रित होने की आशंका, से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। इसके लिए जरूरी है
कि बुद्धिमान तकनीक के इस नए दौर की चुनौतियों के अनुरूप वैश्विक शासन व्यवस्था
विकसित की जाए।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

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