पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन के लिए रखा जाने वाला करवाचौथ का पावन व्रत आज देश भर में बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाएं सुबह से ही निर्जला व्रत रखकर शाम को माता करवा, भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय जी की पूजा-अर्चना कर रही हैं।
करवाचौथ पूजा की सही विधि
शाम के समय शुभ मुहूर्त में सभी महिलाएं एकत्र होकर करवाचौथ की व्रत कथा सुनती हैं। इसके बाद चंद्रमा के उदय होने का इंतजार किया जाता है। करवाचौथ की पूजा में उगते हुए चांद को अर्घ्य देने का ही विशेष महत्व है। चांद निकलने पर छलनी से दीपक के प्रकाश में चंद्रदेव के दर्शन किए जाते हैं। इसके बाद तांबे या मिट्टी के करवे से चंद्रमा को जल (अर्घ्य) अर्पित किया जाता है, रोली-अक्षत से तिलक कर मिठाई का भोग लगाया जाता है। अंत में छलनी से ही पति का चेहरा देखकर महिलाएं उनके हाथों से जल ग्रहण कर अपना व्रत खोलती हैं।
प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय (चंद्रोदय टाइमिंग):
करवाचौथ के दिन हर शहर में भौगोलिक स्थिति के अनुसार चांद निकलने का समय थोड़ा अलग होता है। आपके मुख्य शहरों और राज्यों के अनुसार चंद्रोदय का सही समय नीचे दिया गया है:
• दिल्ली (Delhi): रात 08:15 बजे
• हरियाणा (गुरुग्राम): रात 08:16 बजे
• उत्तर प्रदेश (नोएडा): रात 08:14 बजे
• उत्तर प्रदेश (लखनऊ): रात 08:05 बजे
• उत्तर प्रदेश (वाराणसी): रात 08:00 बजे
• उत्तर प्रदेश (कानपुर): रात 08:08 बजे
• चंडीगढ़ (Chandigarh): रात 08:09 बजे
• हिमाचल प्रदेश (शिमला): रात 08:07 बजे
• उत्तराखंड (देहरादून): रात 08:06 बजे
• मध्य प्रदेश (ग्वालियर): रात 08:18 बजे
• मध्य प्रदेश (भोपाल): रात 08:29 बजे
• मध्य प्रदेश (इंदौर): रात 08:37 बजे
• राजस्थान (जयपुर): रात 08:26 बजे
• छत्तीसगढ़ (रायपुर): रात 08:15 बजे
सभी व्रती महिलाएं समय के अनुसार अपने शहर में अर्घ्य की थाली तैयार रखें। धुंध या बादलों के कारण कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है, इसलिए उगते हुए चांद की पूजा कर अपना व्रत पूर्ण करें।