Wednesday, October 28, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home धर्म

करवाचौथ 2026: मिट्टी, पीतल या कांसे का करवा? जानें पूजा के लिए कौन सा पात्र चुनें और किन बातों का रखें ध्यान

DigitalDesk by DigitalDesk
October 28, 2026
in धर्म, मुख्य समाचार
0
करवाचौथ 2026: मिट्टी, पीतल या कांसे का करवा? जानें पूजा के लिए कौन सा पात्र चुनें और किन बातों का रखें ध्यान
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

करवाचौथ का व्रत सुहाग, प्रेम और दांपत्य जीवन की मंगलकामना से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। शाम को विधि-विधान से पूजा करने और चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इस पूजा में करवे का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसी पात्र में जल भरकर पूजा की जाती है और चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। ऐसे में करवाचौथ नजदीक आते ही कई महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि पूजा के लिए मिट्टी का करवा खरीदना चाहिए या पीतल, तांबे और कांसे का करवा भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

परंपरागत रूप से मिट्टी के करवे का उपयोग करवाचौथ की पूजा में खूब किया जाता है। मिट्टी से बने पात्र भारतीय लोक परंपराओं, प्रकृति और सादगी का प्रतीक माने जाते हैं। हालांकि, सभी परिवारों में एक ही प्रकार का करवा इस्तेमाल करने का नियम नहीं है। कई घरों में पीढ़ियों से धातु के करवे या कलश से पूजा करने की परंपरा भी चली आ रही है। इसलिए करवा चुनते समय अपनी पारिवारिक रीति, पूजा की परंपरा और पात्र की स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। किसी एक धातु को सभी के लिए अनिवार्य या दूसरी धातु को अशुभ बताने से पहले विश्वसनीय धार्मिक स्रोतों की पुष्टि जरूरी है।

Related posts

Rescue of blackbucks

कृष्णमृगों का रेस्क्यू…मोहन सरकार ने की किसानों की फसल बचाने की पहल

October 28, 2026
Jio Platforms IPO Listing: जियो की कामयाबी पर भावुक हुए मुकेश अंबानी, अनंत और ईशा की बातों ने परिवार के पुराने सफर को किया याद

Jio Platforms IPO Listing: जियो की कामयाबी पर भावुक हुए मुकेश अंबानी, अनंत और ईशा की बातों ने परिवार के पुराने सफर को किया याद

October 28, 2026

मिट्टी का करवा क्यों है खास?
मिट्टी का करवा करवाचौथ के पारंपरिक स्वरूप से गहराई से जुड़ा हुआ है। बाजार में यह साधारण, रंगीन और सजावटी डिजाइनों में उपलब्ध होता है। महिलाएं अपनी पसंद के अनुसार लाल रंग, स्वास्तिक, फूलों और पारंपरिक आकृतियों से सजा करवा खरीद सकती हैं। मिट्टी का पात्र लेते समय यह जरूर देखें कि उसमें दरार न हो, उसकी टोंटी सही हो और पानी रखने पर रिसाव न हो। इस्तेमाल से पहले उसे साफ कर लें और पूजा की परंपरा के अनुसार मौली या कलावा बांध सकती हैं।

पीतल, तांबे और कांसे के करवे का भी होता है उपयोग
कई परिवार करवाचौथ सहित दूसरे धार्मिक अवसरों पर पीतल, तांबे या कांसे के पात्रों का उपयोग करते हैं। धातु का करवा बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है और उसकी सफाई भी अपेक्षाकृत आसान होती है। यदि आपके घर में पारंपरिक धातु के पात्र से पूजा करने की रीति है, तो उसे इस्तेमाल किया जा सकता है। खरीदते समय पात्र की गुणवत्ता, साफ-सफाई और उसकी मजबूती जांचें। पूजा में इस्तेमाल होने वाला पात्र स्वच्छ और सुरक्षित होना चाहिए।

करवा खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
करवा चाहे मिट्टी का हो या धातु का, उसका सही होना सबसे जरूरी है। टूटा, चटका हुआ या रिसाव करने वाला पात्र न लें। मिट्टी का करवा खरीदते समय उसकी टोंटी और तली को ध्यान से देखें। सजावट इतनी हो कि पात्र को साफ करना मुश्किल न हो। पूजा से पहले करवे को अच्छी तरह साफ करके उसमें स्वच्छ जल भरें। यदि करवे का उपयोग अर्घ्य देने के लिए करना है, तो ऐसा पात्र चुनें जिसे आसानी से पकड़ा और उठाया जा सके।
करवाचौथ की पूजा में करवे का धार्मिक महत्व

करवा जल रखने का पात्र है और करवाचौथ की पूजा में इसका उपयोग चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए किया जाता है। लोककथाओं और धार्मिक परंपराओं में माता करवा की कथा भी सुनाई जाती है, जो पति के प्रति समर्पण और दृढ़ विश्वास से जुड़ी है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा की विधि में अंतर हो सकता है। इसलिए पूजा करते समय घर की परंपरा या अपने पुरोहित की सलाह का पालन करना उचित है। इस पर्व का मूल भाव प्रेम, श्रद्धा और परिवार के मंगल की कामना है।

Tags: #KarwaChauth2026 #करवाचौथ #KarwaChauthPuja #करवा #हिंदूत्योहार #LiveIndiaNews
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

Karwa Chauth: ट्रेडिशन से फैशन तक करवाचौथ का सफर, अब पारंपरिक करवा की जगह ले रहे आकर्षक डिजाइनर करवा

Karwa Chauth: ट्रेडिशन से फैशन तक करवाचौथ का सफर, अब पारंपरिक करवा की जगह ले रहे आकर्षक डिजाइनर करवा

Karwa Chauth: ट्रेडिशन से फैशन तक करवाचौथ का सफर, अब पारंपरिक करवा की जगह ले रहे आकर्षक डिजाइनर करवा

धर्म
Modi Yogi 75 minute meeting

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

उत्तर प्रदेश
अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version