karnataka News: बेलगावी में कांग्रेस विधायकों की रात की दावत, कर्नाटक की सियासत में हलचल तेज

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के करीबी कांग्रेस विधायकों के एक समूह ने बुधवार रात बेलगावी में डिनर पर मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब राज्य में नेतृत्व और सत्ता के संतुलन को लेकर अटकलें पहले से ही चर्चा में हैं। इस मुलाकात ने सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर चल रही गतिविधियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ा दी है।

बेलगावी में हुई देर रात बैठक

पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बुधवार रात बेलगावी शहर के एक होटल में वरिष्ठ मंत्री सतीश जारकीहोली की मेजबानी में यह डिनर आयोजित किया गया। इस मौके पर 30 से अधिक कांग्रेस विधायक मौजूद रहे। कुछ विधायकों ने इसे विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान हुई एक सामान्य सामाजिक मुलाकात बताया, जबकि कुछ का मानना है कि इस दौरान मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी से जुड़े अहम मुद्दों पर भी बातचीत हुई।

डिनर पर मंत्री जारकीहोली की सफाई

इस डिनर मीटिंग को लेकर उठे सवालों पर मंत्री सतीश जारकीहोली ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कोई खास या असामान्य बात नहीं थी। उनके अनुसार, समान विचारधारा वाले लोगों का साथ बैठकर भोजन करना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले भी ऐसी बैठकों का आयोजन होता रहा है और इनमें गंभीर राजनीतिक चर्चा जरूरी नहीं होती। जारकीहोली का कहना था कि हाल ही में भी एक बैठक हुई थी, जिसमें कोई बड़ा राजनीतिक एजेंडा नहीं था।

कौन-कौन विधायक रहे मौजूद

इस डिनर में मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के बेटे और विधान परिषद सदस्य यतींद्र सिद्दरमैया, साथ ही वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री के एन राजन्ना भी शामिल रहे। दोनों को मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है। हालांकि, खुद मुख्यमंत्री सिद्दरमैया इस आयोजन में शामिल नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार, उनकी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वे इस डिनर में नहीं पहुंच सके।

राजनीतिक चर्चा से इनकार नहीं

वहीं, विधायक के एन राजन्ना ने इस मुलाकात को लेकर थोड़ा अलग रुख अपनाया। उन्होंने माना कि यह सिर्फ औपचारिक डिनर नहीं था। राजन्ना के अनुसार, सतीश जारकीहोली ने सभी समान सोच रखने वाले विधायकों को आमंत्रित किया था और बातचीत केवल सामाजिक दायरे तक सीमित नहीं रही। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि एक जगह इकट्ठा होते हैं, तो राजनीति पर चर्चा होना स्वाभाविक है। उनके मुताबिक, इस बैठक के कई उद्देश्य हो सकते हैं और राजनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श भी उनमें से एक था।

कांग्रेस के भीतर बढ़ी हलचल

इस डिनर मीटिंग को लेकर अलग-अलग बयान सामने आने के बाद कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है। नेतृत्व और सत्ता साझेदारी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इस तरह की बैठक को राजनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका क्या असर पड़ेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

 

 

Exit mobile version