Siddaramaiah ने शुक्रवार को विधानसभा में वर्ष 2026–27 का बजट पेश करते हुए कई बड़े फैसलों की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार बच्चों में मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल से मानसिक और सामाजिक प्रभाव पड़ रहे हैं, इसलिए सरकार यह कदम उठाने पर विचार कर रही है। बजट में तकनीक आधारित विकास, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और पर्यावरण संरक्षण को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है।
बच्चों में मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि कम उम्र के बच्चों में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसी कारण राज्य सरकार ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा है। सरकार का मानना है कि यह कदम बच्चों को डिजिटल लत से बचाने और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर बनाया जाएगा अत्याधुनिक रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनोवेशन ज़ोन
तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बेंगलुरु में एक बड़ा टेक्नोलॉजी और एआई पार्क स्थापित करने की घोषणा की है। यह परियोजना Indian Institute of Science के सहयोग से विकसित की जाएगी। इस परियोजना के तहत “बेंगलुरु रोबोटिक्स एंड एआई इनोवेशन ज़ोन” नाम से एक विशेष कैंपस बनाया जाएगा, जिसे Indian Space Research Organisation और Karnataka State Electronics Development Corporation Limited के साथ मिलकर तैयार किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बेंगलुरु को वैश्विक स्तर पर उभरते एआई और रोबोटिक्स हब के रूप में स्थापित करना है।
40 किलोमीटर लंबे नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर प्रोजेक्ट से बेंगलुरु के ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा सहारा
बजट में बेंगलुरु के यातायात ढांचे को मजबूत करने के लिए दो बड़े कॉरिडोर प्रोजेक्ट की भी घोषणा की गई। पहला नॉर्थ–साउथ कॉरिडोर हेब्बल जंक्शन से एचएसआर लेआउट–सिल्क बोर्ड जंक्शन तक बनाया जाएगा, जबकि दूसरा ईस्ट–वेस्ट कॉरिडोर के.आर. पुरम से मैसूर रोड तक विकसित किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं की कुल लंबाई करीब 40 किलोमीटर होगी और इनकी अनुमानित लागत लगभग 40,000 करोड़ रुपये है। यह प्रोजेक्ट BOOT मॉडल (Build-Own-Operate-Transfer) के तहत लागू किए जाएंगे। पहले चरण में 17 किलोमीटर लंबे नॉर्थ–साउथ कॉरिडोर के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं, जिसकी लागत करीब 17,780 करोड़ रुपये बताई गई है।
हेब्बल जंक्शन से मेखरी सर्कल तक बनेगा टनल रोड और एलिवेटेड कॉरिडोर, बेंगलुरु विकास प्राधिकरण करेगा निर्माण
शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक और अहम परियोजना की घोषणा की गई है। इसके तहत हेब्बल जंक्शन से मेखरी सर्कल तक एक टनल रोड और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह परियोजना Bangalore Development Authority के माध्यम से लागू की जाएगी और इसकी अनुमानित लागत करीब 2,250 करोड़ रुपये होगी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से शहर के व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
4.48 लाख करोड़ के बजट में तकनीक, जल प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण और प्रशासनिक पारदर्शिता पर खास फोकस
राज्य सरकार ने 2026–27 के लिए कुल 4,48,004 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इसमें तकनीक आधारित विकास, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने बेंगलुरु में दो एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की भी घोषणा की है, जिन्हें NASSCOM, Institute of Bioinformatics and Applied Biotechnology और Centre for Cellular and Molecular Platforms के सहयोग से 16 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
इसके अलावा बैनरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क में तेंदुओं के पुनर्वास के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से एक विशेष केंद्र बनाया जाएगा। वहीं बेंगलुरु में बाढ़ जैसी समस्याओं से निपटने के लिए विश्व बैंक समर्थित कर्नाटक वाटर सिक्योरिटी एंड रेजिलिएंस प्रोग्राम के तहत 5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं भी लागू की जाएंगी। सरकार ने आबकारी विभाग में अधिकारियों के ट्रांसफर को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल काउंसलिंग व्यवस्था लागू करने का भी ऐलान किया है।