कानपुर पुलिस ने एक ऐसी ठग महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने शादी को हथियार बनाकर दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठे। आरोपी दिव्यांशी चौधरी ने दो बैंक मैनेजर, दो सब-इंस्पेक्टर समेत 12 से अधिक लोगों को अपने जाल में फंसाया। जांच में उसके 10 बैंक खातों में 8 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन सामने आए हैं। यह गिरफ्तारी प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा मैरिज-फ्रॉड मामला माना जा रहा है।
ठगी का नया मॉडल: शादी, भरोसा और फिर ब्लैकमेल
कानपुर पुलिस की जांच में सामने आया कि दिव्यांशी पहले शिकार को प्यार व शादी का भरोसा दिलाती थी। रिश्ते बनने के बाद वह रेप या उत्पीड़न का झूठा केस दर्ज कर पैसे वसूलती थी। कोर्ट में बयान बदलकर समझौता कर लेती और अगला टारगेट खोज लेती थी। पिछले कुछ वर्षों में उसने कई लोगों से मोटी रकम उगाही।
चौथी शादी ने खोल दी पोल
सब-इंस्पेक्टर आदित्य कुमार लोचव से फरवरी 2024 में हुई शादी इस ठगी का सबसे बड़ा खुलासा साबित हुई। दहेज, गाड़ी और भारी खर्च का लालच देकर उसने आदित्य के परिवार को फंसाया। पर शादी के बाद उसके व्यवहार पर पति को शक हुआ—फोन लॉक रखना, अचानक पैसे की मांग, और ससुराल में कम समय बिताना। जब आदित्य ने फोन चेक किया तो 10 बैंक खातों में करोड़ों के ट्रांजेक्शन देखकर सब चौंक गए।
पुलिस ऑफिस में हंगामा और बड़ा पर्दाफाश
25 नवंबर 2025 को दिव्यांशी ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में हंगामा कर पति पर ही आरोप लगाए। पर आदित्य ने दर्जनों सबूत पेश कर असली सच्चाई उजागर कर दी। जांच गहराई तो पता चला कि कई पुलिस अधिकारियों के खातों में भी दिव्यांशी के खातों से पैसे गए हैं। शक है कि ठगी के इस रैकेट में कुछ अधिकारी भी शामिल थे।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
सोमवार देर रात पुलिस ने दिव्यांशी चौधरी को पकड़ लिया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और आपराधिक षड्यंत्र की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे गैंग का खुलासा कर सकती है। जांच में कई और बड़े नाम सामने आने की उम्मीद है।