Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात (Kanpur) में अतिक्रमण हटाने के दौरान मां-बेटी की जिंदा जल कर मौत हो गई। मौत पर राजनीति शुरू है। प्रदेश सरकार में मंत्री प्रतिभा शुक्ला मृतक के परिवार से मिलने पहुंची, तो मंगलवार यानी 14 फरवरी को परिजनों से मिलने कांग्रेस का प्रदेश स्तर का प्रतिनिधि मंडल कानपुर देहात पहुंचेगा।
- कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल खाबरी, प्रांतीय अध्यक्ष अनिल यादव समेत जिला कांग्रेस कमेटी का प्रतिनिधि मंडल भी होगा
- सपा का जिला स्तर प्रतिनिधि मंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने मड़ौली गांव पहुंचेगा
- मृतकों में मां प्रमिला और बेटी हैं, उनकी मौत हो गई है, पति कृष्णगोपाल दीक्षित भी बुरी तरह से झुलस गए हैं
- कानपुर रेंज के आईजी, एडीजी सहित कमिश्नर राज शेखर भी मौके पर पहुंचे
- बता दें कि कानपुर देहात में प्रशासन सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए पहुंचा था, लेकिन जिस घर को गिराया जा रहा था वो लोग खुद को आग लगाने की धमकी दे रहे थे
- प्रदर्शन के दौरान ही अचानक वहां पर आग लग गई, और ुजिसमें मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई.
आइए, पूरा मामला समझते हैं
पीड़ित परिवार का आरोप यह है कि कब्जे को ध्वस्त करने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर कृष्ण गोपाल दीक्षित के परिवार को झोपड़ी में जबरन कैद किया, फिर आग लगा दी। झोपड़ी के अंदर फंसी मां-बेटी फंसी रह गईं, जिनको आग ने अपनी चपेट में ले लिया और दोनों की झुलस कर मौत हो गई। इसके बाद ही कानपुर देहात के मंडोली गांव में पुलिस और प्रशासन पर ग्रामीणों और परिजनों ने हमला कर दिया।
- कानपुर देहात से लेकर कानपुर नगर तक के अधिकारियों का अमला तुरंत इस गांव में पहुंचा और यह अभी छावनी में तब्दील है
- पीड़ित का कहना है कि उनका परिवार काफी लंबे समय से इस भूमि पर काबिज है और उनके ही रिश्तेदार उनका विरोध करते चले आ रहे हैं, प्रशासनिक अधिकारियों से मिलीभगत कर उन्होंने उनकी झोपड़ी में आग लगवा दी
- उनकी बेटी और पत्नी की आग से जलकर मौत हो गई
- प्रशासन परिवार को सोमवार 13 फरवरी की देर रात तक समझाने की कोशिश करता रहा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास कर रहा था
- सोशल मीडिया पर #kanpurdehat वायरल हो रहा है
परिवार मुख्यमंत्री से मिलने पर अड़ा
परिवार लगातार अपनी मांगों को लेकर अड़ा है, जिसमें 50 लाख मुआवजा, घर के दो बेटों के लिए सरकारी नौकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से तत्काल मुलाकात और परिवार को आजीवन पेंशन की मांग रखी है। कानपुर देहात पुलिस ने 11 नामजद लोगों के साथ कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। मुकदमे में कानपुर देहात के मैथा तहसील के एसडीएम, थाना प्रभारी और लेखपाल को मुख्य आरोपी बनाकर 307, 302 जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है।