कानपुर देहात में अतिक्रमण विरोधी अभियान पर भारी पड़ेगी दो लाशें, पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे नेता

तस्वीर भयावह है, संभलकर देखें।

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात (Kanpur) में अतिक्रमण हटाने के दौरान मां-बेटी की जिंदा जल कर मौत हो गई। मौत पर राजनीति शुरू है। प्रदेश सरकार में मंत्री प्रतिभा शुक्ला मृतक के परिवार से मिलने पहुंची, तो मंगलवार यानी 14 फरवरी को परिजनों से मिलने कांग्रेस का प्रदेश स्तर का प्रतिनिधि मंडल कानपुर देहात पहुंचेगा।

आइए, पूरा मामला समझते हैं

पीड़ित परिवार का आरोप यह है कि कब्जे को ध्वस्त करने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर कृष्ण गोपाल दीक्षित के परिवार को झोपड़ी में जबरन कैद किया, फिर आग लगा दी। झोपड़ी के अंदर फंसी मां-बेटी फंसी रह गईं, जिनको आग ने अपनी चपेट में ले लिया और दोनों की झुलस कर मौत हो गई। इसके बाद ही कानपुर देहात के मंडोली गांव में पुलिस और प्रशासन पर ग्रामीणों और परिजनों ने हमला कर दिया।

परिवार मुख्यमंत्री से मिलने पर अड़ा

परिवार लगातार अपनी मांगों को लेकर अड़ा है, जिसमें 50 लाख मुआवजा, घर के दो बेटों के लिए सरकारी नौकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से तत्काल मुलाकात और परिवार को आजीवन पेंशन की मांग रखी है। कानपुर देहात पुलिस ने 11 नामजद लोगों के साथ कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। मुकदमे में कानपुर देहात के मैथा तहसील के एसडीएम, थाना प्रभारी और लेखपाल  को मुख्य आरोपी बनाकर 307, 302 जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है।

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