US Strikes Venezuela Live: ‘ये ड्रग्स या डेमोक्रेसी का नहीं, तेल का मामला है…’ वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर ट्रंप पर बरसीं कमला हैरिस

Kamala Harris slams Trump over US strikes on Venezuela

US Strikes Venezuela Live: ‘ये ड्रग्स या डेमोक्रेसी का नहीं, तेल का मामला है…’ वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर ट्रंप पर बरसीं कमला हैरिस

कराकस/वॉशिंगटन। वेनेजुएला की राजधानी कराकस पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल आ गया है। अमेरिका ने इस सैन्य ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नाम दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि इस कार्रवाई के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया है। ट्रंप ने यह भी ऐलान किया कि “फिलहाल वेनेजुएला का प्रशासन अमेरिका संभालेगा,” जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर मादुरो की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे हथकड़ी और आंखों पर पट्टी लगाए एक अमेरिकी युद्धपोत पर दिखाई दे रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक, मादुरो पर ड्रग तस्करी और ‘नार्को-टेररिज्म’ से जुड़े गंभीर आरोप हैं। प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से अमेरिकी एजेंसियां इन मामलों की जांच कर रही थीं और पर्याप्त सबूत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया।

सूत्रों के अनुसार, मादुरो को हेलीकॉप्टर के जरिए न्यूयॉर्क के मैनहट्टन लाया गया, जहां से उन्हें भारी सुरक्षा वाले बख्तरबंद मोटरकेड में ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के दफ्तर ले जाया गया। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत उनसे पूछताछ की जाएगी और आरोपों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, वेनेजुएला के भीतर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। कराकस में अमेरिकी हमलों के दौरान कम से कम 40 लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। राजधानी में संचार सेवाएं बाधित रहीं और कई इलाकों में कर्फ्यू जैसी स्थिति देखी गई। आम नागरिकों में भय और अनिश्चितता का माहौल है।

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने की घोषणा की। ट्रंप ने दावा किया कि रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले ली है और अमेरिका के साथ सहयोग करने को तैयार हैं। हालांकि, डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर दिए गए अपने बयान में इस दावे को खारिज किया। उन्होंने मादुरो की तत्काल रिहाई और ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ की मांग करते हुए अमेरिका को “आक्रमणकारी शक्ति” करार दिया।

अमेरिकी कार्रवाई को लेकर देश के भीतर भी तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति और प्रमुख डेमोक्रेट नेता कमला हैरिस ने ट्रंप प्रशासन पर सीधा हमला बोला। हैरिस ने कहा, “यह मामला न तो ड्रग्स का है और न ही डेमोक्रेसी का। यह तेल का मामला है। वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण की भूख ने अमेरिका को इस खतरनाक रास्ते पर धकेल दिया है।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों से न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून कमजोर होता है, बल्कि लैटिन अमेरिका में अमेरिका की विश्वसनीयता को भी गहरा नुकसान पहुंचता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अमेरिका की इस कार्रवाई की व्यापक निंदा हो रही है। रूस, चीन, यूरोपीय संघ के कई देशों और लैटिन अमेरिका के पड़ोसी राष्ट्रों ने संप्रभु देश पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। संयुक्त राष्ट्र में आपात बैठक बुलाने की मांग तेज हो गई है, जहां कई देशों ने तत्काल युद्धविराम और राजनीतिक समाधान की अपील की है।

रूस ने अपने बयान में कहा कि किसी भी देश के नेतृत्व को बलपूर्वक हटाना “खतरनाक मिसाल” है, जबकि चीन ने संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया। मेक्सिको, ब्राजील और अर्जेंटीना समेत कई लैटिन अमेरिकी देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार इस पूरे संकट के केंद्र में हैं। लंबे समय से आर्थिक संकट और प्रतिबंधों से जूझ रहे वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की कोशिशें पहले भी होती रही हैं, लेकिन इस स्तर की प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई अभूतपूर्व मानी जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि हालात जल्द नहीं संभले तो यह संकट वैश्विक ऊर्जा बाजारों और भू-राजनीतिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल दुनिया की निगाहें न्यूयॉर्क में मादुरो की कानूनी प्रक्रिया, कराकस में जमीनी हालात और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यह साफ है कि वेनेजुएला संकट ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में शक्ति, संसाधन और संप्रभुता के सवालों को केंद्र में ला दिया है।

Exit mobile version