कालका मेल बनी काल… कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान जा रहे चार श्रद्धालु रेल से कटे…सीएम योगी ने लिया हादसे पर संज्ञान
फुट ओवरब्रिज की जगह रेलवे ट्रैक पार करना पड़ा भारी
कालका मेल की चपेट में आए श्रद्धालु
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गंगा स्नान के लिए निकले श्रद्धालुओं के साथ एक भीषण रेल हादसा हो गया। चुनार रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह लगभग 9:30 बजे यह हादसा उस समय हुआ, जब चार श्रद्धालु रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही एक्सप्रेस ट्रेन (कालका मेल) की चपेट में आने से चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक सभी श्रद्धालु चोपन-प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन से उतरकर गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। लेकिन जल्दबाजी में उन्होंने प्लेटफॉर्म से निकलने की बजाय रेलवे लाइन पार करने का रास्ता चुना और तभी यह दिल दहला देने वाला हादसा हुआ।
ट्रैक पार करते ही आई कालका मेल, मौके पर 4 की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, श्रद्धालु पैसेंजर ट्रेन से प्लेटफॉर्म नंबर चार पर उतरे थे। वे तेजी से रेलवे लाइन पार कर प्लेटफॉर्म नंबर एक की ओर बढ़ रहे थे, ताकि बाहर निकलकर गंगा घाट तक जा सकें। तभी विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही कालका मेल ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि यात्रियों के शव ट्रैक के किनारे दूर तक जा गिरे। रेलवे स्टेशन पर कुछ ही मिनटों में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों में चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। स्टेशन पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने किसी तरह घटनास्थल से दूर हटकर अपनी जान बचाई।
घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी, राहत-बचाव में जुटे अधिकारी
हादसे के बाद जीआरपी (Government Railway Police), आरपीएफ (Railway Protection Force) और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। मृतकों के शवों को रेलवे ट्रैक से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं, रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे प्लेटफॉर्म बदलने के लिए केवल फुट ओवरब्रिज (FOB) या निर्धारित रास्ते का ही प्रयोग करें, क्योंकि ट्रैक पार करना जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया – स्टेशन पर चीखें गूंज उठीं
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा बेहद भयावह था। “ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। कुछ ही सेकंड में चारों श्रद्धालु ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि शवों के चीथड़े उड़ गए।” इस भयावह दृश्य को देखकर स्टेशन पर मौजूद अन्य यात्री भी स्तब्ध रह गए। कई श्रद्धालु गंगा स्नान छोड़कर वापस लौट गए।
चुनार रेलवे स्टेशन प्रशासन की अपील
रेलवे और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे त्योहारों या विशेष अवसरों पर भीड़भाड़ के बीच ट्रैक पार करने जैसी जोखिमभरी हरकतों से बचें। अधिकारियों ने बताया कि चुनार स्टेशन पर सुबह से ही गंगा स्नान को जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। पैसेंजर ट्रेनें लगातार चल रही थीं, और कई यात्री जल्दी बाहर निकलने के चक्कर में फुट ओवरब्रिज की बजाय रेलवे लाइन पार करने लगे, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख, दिए जांच और मदद के निर्देश
राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर के चुनार में हुए इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सीएम कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जाए और भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए रेलवे प्रशासन ठोस कदम उठाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
त्योहार के दिन छाई मातम की छाया
कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली के अवसर पर गंगा स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु मिर्जापुर पहुंचे थे। सुबह से ही चुनार रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही और यात्रियों की भीड़ अधिक थी। श्रद्धालुओं में गंगा में स्नान करने और पूजा करने की उत्सुकता थी, लेकिन इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल बना दिया। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन घटनास्थल पर पहुंचकर प्रशासन की मदद कर रहे हैं। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।
रेलवे ने जारी की सुरक्षा गाइडलाइन
रेलवे ने हादसे के बाद श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया है। “भीड़भाड़ के दौरान यात्रियों से अपील है कि किसी भी परिस्थिति में ट्रैक पार न करें। फुट ओवरब्रिज, सबवे और निर्धारित निकास मार्गों का ही प्रयोग करें। रेलवे अधिकारियों ने यह भी कहा कि त्योहारों के मौके पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टेशन पर अतिरिक्त बल और गाइडलाइन लागू की गई है। मिर्जापुर के चुनार स्टेशन पर हुआ यह हादसा एक बार फिर यह चेतावनी दे गया है कि जल्दबाजी में बरती गई लापरवाही किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है। चार श्रद्धालुओं की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और रेलवे ने सुरक्षा प्रोटोकॉल सख्त करने के निर्देश दिए हैं। कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर हुआ यह दर्दनाक हादसा श्रद्धालुओं के लिए चेतावनी है कि आस्था के साथ-साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। (प्रकाश कुमार पांडेय )