टीटी नगर स्थित कालीबाड़ी में बुधवार को दुर्गोत्सव के अवसर पर बंगाली संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। मां दुर्गा की विदाई से पहले बंगाली महिलाओं ने पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ रस्म निभाई। इस दौरान अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या नंदा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं और मां के दर्शन किए। उत्सव में बड़ी संख्या में परिवारों ने भाग लिया।
सिंदूर खेला की रस्म और धुनुची नृत्य
परंपरा के अनुसार महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करती हैं और फिर एक-दूसरे के माथे पर सिंदूर लगाकर अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य की कामना करती हैं। इसके साथ ही बंगाली समाज की महिलाएं धुनुची नृत्य भी करती हैं, जिसमें नारियल और हवन सामग्री का उपयोग होता है। यह शक्ति नृत्य मां भवानी की ऊर्जा और शक्ति बढ़ाने के लिए किया जाता है।
महिषासुर वध की प्रेरणा
धुनुची नृत्य का संबंध प्राचीन कथाओं से है। पुराणों के अनुसार, महिषासुर अत्यंत शक्तिशाली था और मां भवानी ने उसे मारने से पहले यह नृत्य किया था। इसी शक्ति नृत्य के माध्यम से मां की आरती की जाती है और देवी की शक्ति का सम्मान किया जाता है।
400 साल पुरानी परंपरा
‘सिंदूर खेला’ बंगाली समाज की लगभग 400 साल पुरानी परंपरा है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा को बेटी के रूप में लाया जाता है और विधिपूर्वक पूजा की जाती है। दुर्गा उत्सव के समापन पर महिलाओं द्वारा मां को सिंदूर अर्पित किया जाता है और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।