Bihar Election 2025 Live Updates: ‘पहले चरण में जंगलराज के नेताओं को 65 वोल्ट का झटका…’, महागठबंधन पर बरसे PM मोदी
बिहार में रिकॉर्ड मतदान, सियासी तापमान चढ़ा — दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को, नतीजे 14 नवंबर को आएंगे
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जनता ने इस बार लोकतंत्र का असली उत्सव मना दिया है। पहले चरण में 121 सीटों पर रिकॉर्ड 64.69% मतदान हुआ, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। यह केवल एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता की राजनीतिक जागरूकता और उम्मीदों का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। अब नज़रें दूसरे चरण पर हैं, जहां 18 जिलों की 122 सीटों पर 11 नवंबर को वोटिंग होगी और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
जनता ने दिखाया जोश, तोड़े पुराने रिकॉर्ड
चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में मतदान प्रतिशत 65% के करीब पहुंचा, जो किसी भी विधानसभा या लोकसभा चुनाव से अधिक है। आयोग ने बताया कि इस बार युवाओं, महिलाओं और पहली बार वोट करने वालों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई जिलों में मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें नजर आईं। विशेष रूप से सीमांचल, मगध और उत्तर बिहार के इलाकों में सुबह से ही वोटिंग में जबरदस्त भागीदारी रही।
मोदी बोले — “जंगलराज वालों को मिला 65 वोल्ट का झटका”
सीतामढ़ी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महागठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा “पहले चरण में बिहार की जनता ने कमाल कर दिया है। ‘जंगलराज’ के नेताओं को 65 वोल्ट का झटका लगा है। अब पूरे राज्य में इसका असर दिख रहा है। मोदी ने कहा कि बिहार के लोगों ने इस बार जातिवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकार दिया है।
“बिहार की जनता विकास चाहती है, स्थिर सरकार चाहती है, और एनडीए के साथ चल रही है। युवाओं ने एनडीए के पक्ष में वोट देकर बता दिया है कि नया बिहार अवसरों का बिहार होगा। पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने पिछले 10 वर्षों में बिहार को शिक्षा, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ाया है, और अब “विकास का यह सिलसिला रुकने नहीं देंगे।
विपक्ष भी मैदान में, महागठबंधन ने तेज किया प्रचार
पहले चरण के बाद महागठबंधन ने भी प्रचार की गति बढ़ा दी है। तेजस्वी यादव ने गया, नवादा और भागलपुर में जनसभाएं कीं, जबकि राहुल गांधी ने कहा कि “बिहार को सिर्फ रोजगार नहीं, सम्मान चाहिए। वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा का कार्यक्रम कदवा कस्बा (कटिहार) में तय है, जहां वे महिला मतदाताओं से सीधे संवाद करेंगी। महागठबंधन का फोकस इस बार बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की आय जैसे मुद्दों पर है। तेजस्वी यादव ने कहा “जनता इस बार झूठे वादों से नहीं, अपने भविष्य से वोट करेगी। बिहार में बदलाव तय है।
दूसरे चरण पर सियासी घमासान तेज
अब बिहार चुनाव दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। इस चरण में 18 जिलों की 122 सीटों पर कुल 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर है
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, राजद नेता तेज प्रताप यादव, भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय जायसवाल, कांग्रेस की शक्तिरानी सिंह जैसी कई बड़ी हस्तियां चुनावी मैदान में हैं।
दूसरे चरण में मधुबनी, सीवान, दरभंगा, रोहतास, गया, और समस्तीपुर जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिले शामिल हैं।
सुरक्षा और पारदर्शिता के सख्त इंतजाम
चुनाव आयोग ने दूसरे चरण की वोटिंग के लिए सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर विशेष योजना बनाई है। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी। 1.25 लाख से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की निगरानी रहेगी। हर जिले में EVM ट्रांसपोर्टेशन और काउंटिंग की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं।
राजनीतिक समीकरण और जनता का मूड
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहले चरण के मतदान रुझान एनडीए के लिए उत्साहजनक संकेत दे रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में महिला मतदाताओं की बढ़ी भागीदारी को भी एनडीए के पक्ष में माना जा रहा है। हालांकि, युवाओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर तेजस्वी यादव की सभाओं में भी भीड़ उमड़ रही है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस बार मुकाबला “विकास बनाम बेरोजगारी” के नैरेटिव पर टिका हुआ है।
11 नवंबर: दूसरे चरण की वोटिंग
14 नवंबर: मतगणना और नतीजों की घोषणा
बिहार का चुनावी रण अब पूरी तरह गरम हो चुका है। पहले चरण के “65 वोल्ट के झटके” के बाद सियासी तापमान चरम पर है। एनडीए जहां आत्मविश्वास से भरा है, वहीं महागठबंधन आखिरी चरण तक “बदलाव” की लहर बनाने की कोशिश में है।
अब सबकी निगाहें 11 नवंबर पर हैं — जब यह तय होगा कि जनता का झुकाव किस ओर है — “विकास की ओर या बदलाव की ओर।”