टैरिफ वॉर के बीच….भारत-US संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ 2026…क्या है ‘वज्र प्रहार’?..जानें आखिर

Joint military exercise Vajra Prahar to be held between India and the US

टैरिफ वॉर के बीच…भारत-US संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ 2026

भारत और अमेरिका के बीच 23 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ आयोजित किया जा रहा है। यह अभ्यास भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के विशेष बलों के बीच आतंकवाद विरोधी अभियानों में तालमेल और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जाता है। दोनों देशों के सैन्य संबंधों में यह अभ्यास एक अहम कड़ी माना जाता है।

क्या है ‘वज्र प्रहार’?

‘वज्र प्रहार’ भारत और अमेरिका की स्पेशल फोर्सेज के बीच होने वाला वार्षिक संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास है। इसका मुख्य फोकस काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन, शहरी युद्ध (Urban Warfare), बंधक मुक्ति अभियान (Hostage Rescue) और खुफिया समन्वय पर रहता है। इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे की युद्ध रणनीतियों, तकनीकी दक्षताओं और आधुनिक हथियार प्रणालियों को समझते हैं।

अभ्यास का उद्देश्य

इस संयुक्त अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति विकसित करना है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में आतंकवाद, साइबर खतरों और हाइब्रिड वारफेयर जैसी चुनौतियां बढ़ी हैं। ऐसे में मित्र देशों के बीच सामरिक सहयोग आवश्यक हो गया है।

अभ्यास के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

रणनीतिक महत्व

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है। ‘वज्र प्रहार’ जैसे अभ्यास दोनों देशों के बीच विश्वास और सामरिक साझेदारी को मजबूत करते हैं। यह अभ्यास न केवल सैन्य क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा के संदेश को भी दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभ्यास से भारतीय सेना को अत्याधुनिक तकनीक और युद्धक रणनीतियों का अनुभव मिलता है, वहीं अमेरिकी सेना को विविध भौगोलिक परिस्थितियों में ऑपरेशन का अनुभव प्राप्त होता है।

स्पेशल फोर्सेज की भागीदारी

इस अभ्यास में भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) और अमेरिकी सेना की ग्रीन बेरेट्स जैसी विशेष इकाइयां हिस्सा लेती हैं। ये सैनिक उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त होते हैं और कठिन परिस्थितियों में मिशन पूरा करने में सक्षम होते हैं।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य

वर्तमान में दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता और आतंकवादी गतिविधियां देखी जा रही हैं। ऐसे में लोकतांत्रिक देशों के बीच सैन्य सहयोग का महत्व और बढ़ जाता है। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा समझौते, संयुक्त उत्पादन और तकनीकी सहयोग पहले से ही जारी हैं। ‘वज्र प्रहार’ इस सहयोग को जमीनी स्तर पर और मजबूत करता है। 23 फरवरी से शुरू होकर 15 मार्च तक चलने वाला ‘वज्र प्रहार’ 2026 भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को नई मजबूती देगा। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं को आतंकवाद जैसी साझा चुनौतियों से निपटने में अधिक सक्षम बनाएगा। आने वाले समय में ऐसे संयुक्त सैन्य अभ्यास न केवल सुरक्षा सहयोग को गहरा करेंगे, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होंगे।

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