यूपी को फार्मा हब बनाने में मदद करेगा जापान, बैठक में 125 कंपनियों ने लिया हिस्सा, बड़े निवेश की उम्मीद
उत्तर प्रदेश जल्द ही देश का फार्मास्युटिकल हब बन सकता है। इस दिशा में जापान की 125 से अधिक प्रमुख फार्मा कंपनियों ने निवेश की संभावना पर चर्चा की। यूपी सरकार और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच शुक्रवार को आयोजित बैठक में निवेश, वर्कफोर्स तैयार करने और फार्मा इकोसिस्टम मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
यूपी में फार्मा हब की दिशा में कदम
लखनऊ में आयोजित बैठक में सीएम योगी के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में फार्मा सेक्टर बढ़ाने की सरकार की योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यूपी में केजीएमयू, एसजीपीजीआई, दो एम्स, 200 से अधिक मेडिकल कॉलेज और 25 से ज्यादा मेडटेक स्टार्टअप्स मौजूद हैं। ये स्टार्टअप्स कॉन्ट्रैक्ट डिवेलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (सीडीएमओ) के लिए योग्य वर्कफोर्स तैयार कर रहे हैं। इससे जापानी कंपनियों को स्थानीय वर्कफोर्स का लाभ मिलेगा और निवेश की प्रक्रिया सरल होगी।
बैठक में जापानी प्रतिनिधिमंडल
जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व असोसिएशन के महानिदेशक डॉ. योशिकाजु हयाशी और चुओ गाकुइन विश्वविद्यालय की प्रफेसर अत्सुको कामीइके ने किया। बैठक में 125 से अधिक जापानी फार्मा कंपनियों के अधिकारी मौजूद थे। भारत की ओर से टीआई मेडिकल्स, टॉरेंट फार्मा और थ्रीएक्सपर इनोवेंचर जैसी बड़ी कंपनियों ने बैठक में भाग लिया। यूपी सरकार की टीम ने जापानी प्रतिनिधिमंडल को बौद्ध सर्किट और ताजमहल का अनुभव लेने के लिए भी आमंत्रित किया, जिससे सांस्कृतिक और निवेश संबंध मजबूत हों।
फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देने की योजना
अवनीश अवस्थी ने कहा कि यूपी तेजी से अग्रणी फार्मा हब बनने की दिशा में बढ़ रहा है। बैठक में निवेश, स्टार्टअप्स के सहयोग और फार्मा इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए रणनीति पर चर्चा हुई। साथ ही यह भी तय किया गया कि जापानी कंपनियां स्थानीय सहयोग और तकनीकी साझेदारी के माध्यम से राज्य में निवेश करेंगी। इससे यूपी में नौकरी सृजन, औद्योगिक विकास और फार्मा उत्पादकता बढ़ेगी।
बड़े निवेश की उम्मीद
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने फार्मा सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावना पर चर्चा की। इंवेस्ट यूपी के CEO विजय किरन आनंद समेत कई अधिकारियों ने निवेश को आसान बनाने और प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत की। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने यूपी की भौगोलिक स्थिति, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स की उपलब्धता को सकारात्मक बताया।
सीडीएमओ वर्कफोर्स तैयार करने में सहयोग
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि स्टार्टअप्स और मेडिकल संस्थान सीडीएमओ वर्कफोर्स तैयार करने में जापानी कंपनियों के साथ मिलकर काम करेंगे। इससे औद्योगिक दक्षता बढ़ेगी और उच्च गुणवत्ता वाली दवा निर्माण में मदद मिलेगी। जापानी फार्मा कंपनियां यूपी में निवेश कर फार्मास्युटिकल हब का निर्माण करेंगी। स्टार्टअप्स और मेडिकल कॉलेज योग्य वर्कफोर्स तैयार करेंगे। राज्य में नौकरी और आर्थिक विकास के अवसर बढ़ेंगे। निवेश से औद्योगिक और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार की पहल और जापानी कंपनियों की रुचि से राज्य का फार्मा सेक्टर अगले कुछ वर्षों में मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकता है। यह न केवल नौकरी सृजन में मदद करेगा, बल्कि राज्य की औद्योगिक और आर्थिक क्षमता को भी बढ़ाएगा। (प्रकाश कुमार पांडेय)





