जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर कैबिनेट का बड़ा फैसला
केंद्र कैबिनेट ने ग्रामीण पेयजल योजना जल जीवन मिशन के दूसरे चरण के लिए 8.70 लाख करोड़ रुपये के कुल परिव्यय को मंज़ूरी दी। केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को केंद्र की प्रमुख ग्रामीण पेयजल योजना, जल जीवन मिशन (JJM 2.0) के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंज़ूरी दे दी।
जल जीवन मिशन का मकसद नलों के जरिए घर घऱ तक पानी
अगस्त 2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन का उद्देश्य भारत के सभी ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2028 तक इस योजना के लिए किए गए इस अतिरिक्त आवंटन से इसका कुल खर्च बढ़कर 8.70 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
योजना के तहत मैदानी स्तर पर काम
कैबिनेट ने बजट को मंजूरी देने के साथ साथ कहा कि योजना अब “बुनियादी ढांचा तैयार करने से हटकर सेवा देने पर आ गया है, जिसे पेयजल के बेहतर प्रबंधन और ग्रामीण इलाकों में पाइप से पीने का पानी लगातार पहुँचाने के लिए एक संस्थागत व्यवस्था का भी समर्थन हासिल है।”
योजना को लेकर X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह फ़ैसला “पूरे भारत के ग्रामीण घरों में नल से लगातार और भरोसेमंद पानी पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह योजना का ज़ोर सिर्फ़ बुनियादी ढांचा तैयार करने से हटाकर नागरिकों पर केंद्रित सेवा देने पर ले आती है, जिसे मज़बूत स्थानीय प्रशासन और डिजिटल निगरानी का भी समर्थन हासिल है। इस कदम से जल सुरक्षा मज़बूत होगी, स्वास्थ्य के नतीजे बेहतर होंगे और ग्रामीण समुदाय, खासकर हमारी ‘नारी शक्ति’ सशक्त होगी।”
क्या है जल जीवन मिशन
जल जीवन मिशन 2019 अगस्त में शुरू हुआ था। मिशन का लक्ष्य भारत के सभी ग्रामीण घरों तक नल के कनेक्शन के ज़रिए सुरक्षित और पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी पहुँचाना है। इस पहल की देखरेख जल शक्ति मंत्रालय करता है, और इसके लिए ज़रूरी वित्तीय सहायता केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर देती हैं।इस योजना का लक्ष्य हर ग्रामीण घर में नल का चालू कनेक्शन (FHTC) सुनिश्चित करना है।
जल जीवन मिशन 2.0 में सुधार
JJM 2.0 का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक पूरे देश के 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल का पानी कनेक्शन देकर सभी ग्राम पंचायतों को ‘हर घर जल’ के रूप में प्रमाणित करना है। साथ ही, यह समय-सीमा का पालन करने, योजना की व्यवहार्यता बनाए रखने और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ अलग-अलग MoU के ज़रिए नागरिक-केंद्रित जल सेवाएँ देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, JJM 2.0 संरचनात्मक सुधारों के ज़रिए बुनियादी ढाँचा-केंद्रित तरीके से हटकर नागरिक-संचालित उपयोगिता सेवा मॉडल की ओर बढ़ते हुए, ग्रामीण इलाकों में 24×7 भरोसेमंद पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करके ‘विकसित भारत @2047’ के विज़न का समर्थन करता है।
जल जीवन मिशन में 2019 में 3.23 करोड़ (17%) ग्रामीण परिवारों के पास नल का पानी कनेक्शन दिया गया था। वहां से शुरू होकर अब तक JJM के तहत 12.56 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल का पानी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। फ़िलहाल, मिली जानकारी के अनुसार लगभग 15.80 करोड़ (81.61%) परिवारों के पास नल का पानी कनेक्शन मौजूद है।